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पुलिस की पहल : छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए शुरू किया स्कूल
Sun, 28 Jul 2019 05:50 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 28 Jul 2019 05:50 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में पुलिस ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को शिक्षित करने के लिए पहल की है। ऐसे नक्सलियों के लिए पुलिस ने एक स्कूल की शुरुआत की है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया कि यह स्कूल नारायणपुर के पुलिस लाइन इलाके में एक महीने पहले शुरू हुआ था। इसमें तीन शिक्षक हैं और 300 से अधिक ऐसे नक्सली इसमें पढ़ते हैं जो आत्मसमर्पण कर चुके हैं और अब पुलिस बल का हिस्सा हैं।
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गर्ग ने से कहा, ‘आत्मसमर्पण करने वाले अधिकतर नक्सली इसलिए पहले पढ़ नहीं सके क्योंकि माओवादियों ने उनके स्कूल नष्ट कर दिए थे। कई लोगों को नक्सलवाद में शामिल होने के लिए स्कूल छोड़ना पड़ा। पुलिस बल में शामिल होने के बाद उन्होंने पढ़ने की इच्छा जताई।’ उन्होंने कहा कि इस पहल का लक्ष्य इन लोगों को बाहर की दुनिया से जोड़ना और शिक्षा के जरिए उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना है। इस कदम से ही उनका पूरी तरह से पुनरुद्धार होगा।
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गर्ग ने बताया कि इन लोगों को तीन समूहों में बांटा गया था। पहला समूह अशिक्षित लोगों, दूसरा समूह कक्षा पांचवीं तक पढ़े लोगों और तीसरा समूह कक्षा आठवीं तक पढ़े लोगों का है। नक्सली से पुलिसकर्मी बने अमर पोटाई (30) ने बताया कि उनका शिक्षित होने का सपना अब साकार हो रहा हैं। कांस्टेबल पोटाई ने कहा, ‘मैं अब पढ़-लिख सकता हूं। बस्तर करीब तीन दशक से माओवाद से संघर्ष कर रहा है। इसके कारण मेरी तरह कई लोग अशिक्षित रह गए हैं।’
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इसी प्रकार पिछले साल आत्मसमर्पण कर चुकीं सुमित्रा साहू (32) ने कहा कि वह केवल दो साल स्कूल गईं थीं। उन्होंने कहा, ‘सशस्त्र नक्लसियों ने मेरे स्कूल को नष्ट कर दिया था। इसके बाद वे मुझे नक्सली संगठन में शामिल होने के लिए अपने साथ ले गए। कहते हैं कि जिंदगी दूसरा मौका देती हैं। मुझे दोबारा पढ़ने का मौका मिला जिससे मैं बहुत खुश हूं।’