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Chhattisgarh: केंद्रीय पूल में सबसे ज्यादा धान देने वाला दूसरा राज्य छत्तीसगढ़, CM बघेल ने किसानों को दी बधाई
Fri, 20 Jan 2023 08:28 PM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 20 Jan 2023 08:28 PM IST
सार
कल शाम तक 103 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्धारित अंतिम तिथि 31 जनवरी तक 110 लाख मीट्रिक टन के अनुमानित आंकडे़ को भी पार कर जाएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन (केएमएस) में सेंट्रल पूल में सबसे अधिक धान जमा कराने वाला छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा है कि लगातार चार वर्षों से छत्तीसगढ़ कृषि क्षेत्र में लगातार नए-नए कीर्तिमान रच रहा है। यह किसानों की मेहनत और खेती पर लौटे उनके भरोसे का ही परिणाम है सीएम बघेल ने किसानों को बधाई देते हुए कहा है कि पुराने रिकॉर्ड टूटने के बाद ये एक और बड़ी उपलब्धि है।
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मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि इस साल राज्य में धान खरीदी का भी नया रिकॉर्ड कायम हो रहा है। कल शाम तक 103 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी थी। उम्मीद है कि निर्धारित अंतिम तिथि 31 जनवरी तक 110 लाख मीट्रिक टन के अनुमानित आंकडे़ को भी पार कर जाएंगे।
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भारत सरकार द्वारा 15 जनवरी को जारी रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ केंद्रीय पूल में 92 लाख मीट्रिक टन धान का योगदान दे चुका था। इस सीजन में सर्वाधिक धान जमा कराने वाला वह दूसरा प्रदेश बन चुका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में फसल उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अलावा गोधन न्याय योजना, सुराजी गांव योजना, किसानों की कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी आदि कदम उठाए गए।
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जिसके चलते राज्य में किसानों की संख्या और खेती के रकबे में लगातार वृद्धि हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के इन चार वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन संख्या में वृद्धि हुई है। इस वर्ष 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें 2.30 लाख नए किसान हैं। किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस साल राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिसके कारण कुल उपार्जन केंद्रों की संख्या 2617 हो गई है।