छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सीबीआई को 12 नौकरशाहों पर मुकदमा दर्ज करने का दिया आदेश
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 1000 करोड़ रुपये के एक घोटाले में गुरुवार को सात आईएएस अफसरों समेत 12 नौकरशाहों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश सीबीआई को दिया। इन अधिकारियों पर राज्य संसाधन केंद्र (एसआरसी) और फिजिकल रेफरल रिहैबिलेशन सेंटर (पीआरआरसी) के फंड से 10 साल में करीब 1000 करोड़ रुपये गलत तरीके से निकालने का आरोप है।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू की खंडपीठ ने कुंदन सिंह ठाकुर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। खंडपीठ ने आदेश में कहा, सीबीआई इस मामले में एक सप्ताह के अंदर एफआईआर दर्ज करे। एफआईआर दर्ज करने के बाद 15 दिन के अंदर सीबीआई इस मामले से संबंधित विभाग, संगठन व कार्यालयों के आवश्यक असली रिकॉर्ड को अपने कब्जे में कर ले।
बता दें कि इस घोटाले का आरोप 7 आईएएस अफसरों विवेक ढांड, सुनील कुजूर, एमके राउत, बीएल अग्रवाल, आलोक शुक्ला और एमके श्रोती पर लगाया गया है। इसे देखते हुए खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी अधिकारियों के ‘उच्च पदस्थ’ होने के चलते ऐसी संभावना है कि वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा ही की जानी चाहिए।
यह है मामला
कुंदन ठाकुर ने जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले बहुत सारे लोगों को एसआरसी व पीआरआरसी का कर्मचारी दिखाकर विभागीय फंड से उनके नाम पर वेतन निकाला गया, जबकि इनमें से किसी भी व्यक्ति को इस बारे में जानकारी नहीं थी। इस धोखाधड़ी का शिकार होने वाले लोगों में याचिकाकर्ता ठाकुर खुद भी एक था। बता दें कि इन विभागों का गठन दिव्यांगों के पुनर्वास के लिए किया गया था।