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ओमिक्रॉन वैरिएंट: बूस्टर डोज को लेकर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने केंद्र को दिया ये सुझाव

Tue, 14 Dec 2021 07:17 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 14 Dec 2021 07:17 PM IST
सार

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखा है, वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित होते देखे जा रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि युवाओं और बच्चों में ओमिक्रॉन का संक्रमण ज्यादा है। उन्होंने वैज्ञानिक सलाह के अनुसार 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों के टीकाकरण के संबंध में भी जल्द से जल्द समुचित निर्णय लेने का आग्रह किया है...

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Chhattisgarh Health Minister TS Singhdev has written a letter to the Union Mansukh Mandaviya in view of the Omicron variant
:छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

देशभर में ओमिक्रॉन वैरिएंट से कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर उठने की आशंकाओं के बीच छोटे बच्चों को भी कोरोनारोधी टीके की मांग जोरशोर से उठने लगी हैं। बाजारों, बुजुर्गों को भी कोरोना टीके का बूस्टर डोज देने की मांग उठ रही है। इस बीच छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ओमिक्रॉन वैरिएंट संक्रमण को देखते हुए केंद्रीय मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा है। टीएस सिंह देव देश के किसी भी राज्य के ऐसे पहले स्वास्थ्य मंत्री हैं, जिन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वर्तमान में कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन की उपस्थिति के बाद बूस्टर डोज और 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाना बहुत आवश्यक हो गया है।

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प्रतिरोधक क्षमता 70-75 फीसदी तक बढ़ी

स्वास्थ्य मंत्री देव ने अपने पत्र में लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे शोधों में यह बातें प्रारंभिक तौर पर आ रही है कि नये वैरिएंट के फैलने की गति डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले कम से कम 2-3 गुना अधिक है। इसमें एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित करने की संभावना भी दोगुना ज्यादा है। उन्होंने आगे लिखा कि अंतरराष्ट्रीय शोध में यह बात भी सामने आ रही है कि ओमिक्रॉन से प्रभावित लोगों में कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद उनमें मौजूद एंटीबॉडी संक्रमण को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो रही हैं। इस कारण बूस्टर डोज लगाना अति आवश्यक प्रतीत हो रहा है। बूस्टर डोज का प्रभाव काफी सकारात्मक है और इससे प्रतिरोधक क्षमता 70-75 फीसदी तक बढ़ रही है। सिंहदेव ने पिछले महीने भी ऐसा ही एक पत्र भेजकर केंद्र सरकार से बूस्टर डोज लगाने को लेकर फैसला लेने का आग्रह किया था।

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बूस्टर डोज पर भी जोर

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने लिखा है, वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित होते देखे जा रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि युवाओं और बच्चों में ओमिक्रॉन का संक्रमण ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्री ने वैज्ञानिक सलाह के अनुसार 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों के टीकाकरण के संबंध में भी जल्द से जल्द समुचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।

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वहीं, देव ने बूस्टर डोज का फैसला लेने पर जोर दिया है। उन्होंने लिखा, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक शोध के प्रारंभिक परिणामों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिकों से अविलंब राय ली जानी चाहिए। उसके बाद प्रारंभिक तौर पर हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को को बूस्टर डोज लगायी जानी चाहिए।


केंद्र सरकार ने बच्चों के टीकाकरण के लिए पंजाब, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का चयन किया है। सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए बच्चों को लगने वाली वैक्सीन जायकोव-डी की एक करोड़ खुराक का ऑर्डर दे दिया है। हालांकि बच्चों के टीके को देश के सर्वोच्च वैज्ञानिक निकाय 'राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह टीकाकरण' की मंजूरी नहीं मिली है।

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