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छत्तीसगढ़: कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना; शुरू कर सकते हैं अपना बिजनेस, सरकार दे रही अनुदान
Sat, 07 Oct 2023 07:27 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 07 Oct 2023 07:27 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना शुरू करने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए फिलहाल विभाग की ओर से आकस्मिकता निधि से 1 करोड़ रुपए अग्रिम रूप से स्वीकृत किए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के लोगों को अब कुक्कुट पालन योजना में प्रोत्साहित करने, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार में पशुधन विकास विभाग मंत्रालय की ओर से छत्तीसगढ़ कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना शुरू करने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए फिलहाल विभाग की ओर से आकस्मिकता निधि से 1 करोड़ रुपए अग्रिम रूप से स्वीकृत किए गए हैं।
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छत्तीसगढ़ कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कुक्कुट पालकों को क्षेत्रवार और वर्गवार इकाई लागत के अनुसार स्थायी पूंजी निवेश पर 25 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान किया गया है। नाबार्ड के अनुसार कुक्कुट ब्रायलर, देशी कुक्कुट या रंगीन कुक्कुट की प्रति इकाई लागत अनुसार स्थायी पूंजी निवेश 2.86 लाख रुपए और कुक्कुट लेयर, पेरेंट कुक्कुट की प्रति इकाई की लागत अनुसार स्थायी पूंजी निवेश 3.70 लाख रुपए है। प्रति इकाई में कुक्कुट की संख्या एक हजार निर्धारित है।
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इस योजना के अनुसार राज्य के अ श्रेणी के क्षेत्र में सामान्य वर्ग के हितग्राही को 25 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को अधिकतम 30 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अ श्रेणी के क्षेत्र में यदि कोई हितग्राही 2.86 लाख रुपए का स्थायी पूंजी निवेश कर कुक्कुट पालन की इकाई स्थापित करता है, तो उसे अधिकतम 72 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा।
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वहीं एससी एसटी और कमजोर वर्ग के हितग्राही को एक इकाई की स्थापना पर अधिकतम 86 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा। वहीं ब श्रेणी के क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के हितग्राही को 35 प्रतिशत एससी एसटी और कमजोर वर्ग के हितग्राही को 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा।
छत्तीसगढ़ कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना के तहत स्थायी पूंजी निवेश अनुदान की अधिकतम सीमा 10 हजार कुक्कुट इकाई स्थापना के लिए क्षेत्रवार और वर्गवार 7.20 लाख रुपए से लेकर 14.80 लाख रुपए प्रावधान है। योजना अंतर्गत स्व-वित्तीय और बैंक लोन से व्यावसाय इकाई की स्थापना पर 5 वर्ष के लिए स्थायी पूंजी निवेश अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान इकाई के क्रियाशील होने पर भौतिक सत्यापन के बाद पांच किश्तों में देनी होगी।
छत्तीसगढ़ में कुल 8 लाख परिवार कुक्कुट पालन करते हैं, जिनके पास 187.12 लाख पक्षीधन है। राज्य में लगभग 7 हजार 522 क्रियाशील ब्रायलर तथा 167 लेयर इकाइयां स्थापित है। व्यावसायिक इकाइयों में 136.03 लाख कुक्कुट पाले जा रहे हैं। कुक्कुट पालन व्यवसायिक गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से 2 लाख और अप्रत्यक्ष रूप से 14 लाख छोटे बड़े व्यवसायी जुड़े हुए हैं। वर्तमान समय में प्रदेश में 56 लाख अंडों का उत्पादन प्रतिदिन होता है, जबकि लगभग 71 लाख अंडा प्रतिदिन बेचा जाता है। इसके पूर्ति के लिए लगभग 15 लाख अंडे प्रतिदिन अन्य प्रदेशों से आता है। प्रदेश में लगभग 1.86 लाख ब्रायलर पक्षी प्रतिवर्ष कई प्रदेशों से लाकर बेचे जाते हैं।