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छत्तीसगढ़: फलों पर स्टिकर चिपकाने पर प्रतिबंध, नहीं माना निर्देश तो होगी कार्रवाई
Fri, 18 Oct 2019 07:36 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Nilesh Kumar
Updated Fri, 18 Oct 2019 07:36 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
छत्तीसगढ़ में खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फलों के ऊपर स्टिकर चिपकाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। एफडीए ने स्टिकर में लगने वाले गोंद का लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर का हवाला देते हुए गुरुवार को यह निर्देश जारी किया है।
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शुक्रवार को एफडीए के एक अधिकारी ने बताया कि फल बिक्रेताओं को फलों पर स्टिकर चिपकाना बंद करने को कहा गया है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि स्टिकर लगे फल न खरीदें।
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मालूम हो कि बाजार में सेब, आम, नारंगी, अमरूद और अन्य फलों पर स्टिकर चिपका कर बेचे जाते हैं। स्टिकर चिपकाने के पीछे बिक्रेताओं का उद्देश्य फलों को उच्च गुणवत्ता का साबित करना होता है। कई बार स्टिकर का प्रयोग फलों की खराबी छिपाने के लिए भी किया जाता है। स्टिकर लगे फल बाजार में महंगे भी बेचे जाते हैं।
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अधिकारी ने बताया कि इन स्टिकर में प्रयुक्त रसायन उत्पाद को दूषित कर सकते हैं और इसे मानव उपभोग के लिए असुरक्षित बना सकते हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) अधिनियम के तहत व्यापारियों और फल विक्रेताओं को ऐसे फलों के भंडारण, वितरण और बेचने की अनुमति नहीं है।
अधिकारी ने कहा कि कोई भी दुकानदार असुरक्षित खाद्य उत्पादों का भंडारण और बिक्री करता है, उस पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 59 के तहत कार्रवाई की जाएगी।