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छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ कैंप के ऊपर दिखाई दी ड्रोन जैसी चीज
Sat, 18 Jan 2020 10:24 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: अमित मंडल
Updated Sat, 18 Jan 2020 10:24 PM IST
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ड्रोन ( प्रतीकात्मक)
- फोटो : pexels.com
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शिविर के ऊपर एक ड्रोन जैसी चीज देखी गई है। इसी तरह चीज को पिछले साल अक्टूबर में तीन बार जिले के सीआरपीएफ शिविरों के पास उड़ान भरते देखा गया था।
सुकमा के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि अति संवेदनशील दोरनापाल-जगरगुंडा इलाके में सीआरपीएफ के पुसवाड़ा शिविर के ऊपर आकाश में लगभग 15 मिनट तक एक ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई। उन्होंने कहा कि हमने उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए अपना यूएवी (मानव रहित आकाशीय वाहन या ड्रोन) भेजा। हालांकि संदिग्ध ड्रोन की रोशनी बंद हो गई और वह गायब हो गया
सिन्हा ने बताया कि यह वस्तु अक्टूबर में जिले के किस्ताराम और पल्लोड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के शिविरों के ऊपर देखी गयी चीज की तरह ही थी। उन्होंने कहा कि अभी यह अनिश्चित है कि क्या माओवादी इन ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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सुकमा राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर है और यह देश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल है। इस जिले की सीमा ओड़िसा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से जुड़ी हुई है।
बस्तर में नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसी खबर है कि नक्सल अपने निचले कैडर के मनोबल को बढ़ाने के लिए यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके पास हाईटेक उपकरण हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों का प्रभाव वाले इलाकों में उन्हें सुरक्षा बलों के शिविरों का पता लगाने के लिए ड्रोन की जरूरत नहीं है।
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सुकमा के पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि अति संवेदनशील दोरनापाल-जगरगुंडा इलाके में सीआरपीएफ के पुसवाड़ा शिविर के ऊपर आकाश में लगभग 15 मिनट तक एक ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई। उन्होंने कहा कि हमने उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए अपना यूएवी (मानव रहित आकाशीय वाहन या ड्रोन) भेजा। हालांकि संदिग्ध ड्रोन की रोशनी बंद हो गई और वह गायब हो गया
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सिन्हा ने बताया कि यह वस्तु अक्टूबर में जिले के किस्ताराम और पल्लोड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के शिविरों के ऊपर देखी गयी चीज की तरह ही थी। उन्होंने कहा कि अभी यह अनिश्चित है कि क्या माओवादी इन ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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सुकमा राजधानी रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर है और यह देश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल है। इस जिले की सीमा ओड़िसा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से जुड़ी हुई है।
बस्तर में नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसी खबर है कि नक्सल अपने निचले कैडर के मनोबल को बढ़ाने के लिए यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके पास हाईटेक उपकरण हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलियों का प्रभाव वाले इलाकों में उन्हें सुरक्षा बलों के शिविरों का पता लगाने के लिए ड्रोन की जरूरत नहीं है।