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छत्तीसगढ़: दिव्यांग शिक्षक को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत, नजदीकी स्कूल में होगी पदस्थापना

Fri, 09 Oct 2026 04:32 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 09 Oct 2026 04:32 PM IST
सार

उच्च न्यायालय ने कबीरधाम जिले के 45 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक टेकश्वर कौशिक को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को आदेश दिया है कि शिक्षक को उनकी वर्तमान पदस्थापना के निकट स्थित किसी विद्यालय में पदस्थ किया जाए।

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Chhattisgarh: Disabled teacher gets major relief from High Court, will be posted in nearby school
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कबीरधाम जिले के 45 प्रतिशत दिव्यांग शिक्षक टेकश्वर कौशिक को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को आदेश दिया है कि शिक्षक को उनकी वर्तमान पदस्थापना के निकट स्थित किसी विद्यालय में पदस्थ किया जाए। इसके लिए कबीरधाम के शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में से किसी एक का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च न्यायालय ने आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर इस संबंध में आदेश जारी करने की समय-सीमा तय की है।
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42 किलोमीटर दूर स्कूल में किया गया था स्थानांतरण
शिक्षक टेकश्वर कौशिक कबीरधाम जिले के लोहारा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सेमरिया में सहायक शिक्षक (एलबी), विज्ञान के पद पर कार्यरत थे। राज्य सरकार के 6 अगस्त 2026 को जारी तबादला आदेश के अंतर्गत उन्हें शासकीय माध्यमिक शाला कृतबंधा भेज दिया गया था। यह नया स्कूल उनकी वर्तमान पदस्थापना वाले स्थान से लगभग 42 किलोमीटर दूर स्थित था। शिक्षक ने इस स्थानांतरण आदेश को उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके चुनौती दी। याचिका में उन्होंने पक्ष रखा कि वह 45 प्रतिशत अस्थि दिव्यांगता से ग्रस्त हैं। इतनी अधिक दूरी पर स्थित स्कूल में प्रतिदिन आने-जाने से उन्हें गंभीर शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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समिति से राहत न मिलने पर दोबारा पहुंचे उच्च न्यायालय
दिव्यांग शिक्षक पूर्व में भी इस विषय को लेकर उच्च न्यायालय की शरण में गए थे। उस समय न्यायालय ने स्थानांतरण नीति के तहत गठित विशेष समिति के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके बाद टेकश्वर कौशिक ने अपनी शारीरिक दिव्यांगता और नए विद्यालय की दूरी का उल्लेख करते हुए समिति को आवेदन दिया था। हालांकि, उनकी इस मांग को अस्वीकार कर दिया गया। अभ्यावेदन खारिज होने के बाद शिक्षक ने दोबारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राहत मांगी।
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नजदीकी स्कूलों में पद खाली होने पर दिए गए निर्देश
सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी कि क्या शिक्षक के पद के अनुरूप निकट में कोई पद रिक्त है। कबीरधाम के जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त सूचना के आधार पर सरकार ने बताया कि शासकीय माध्यमिक शाला गोचिया और शासकीय माध्यमिक शाला बंधौरा में पद खाली हैं। नजदीकी स्कूलों में पद की उपलब्धता और शिक्षक की शारीरिक स्थिति को देखते हुए न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सक्षम प्राधिकारी को 30 दिन के भीतर दोनों में से एक स्कूल चुनकर पदस्थापना आदेश जारी करना होगा। उच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि वह तबादला नीति या मूल स्थानांतरण आदेश की वैधानिकता पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रहा है।
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