फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   'Cheetah of the Sky' spotted in Udanti-Sitanadi Tiger Reserve, presence of Peregrine Falcon adds to excitement

छत्तीसगढ़: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखा 'आसमान का चीता', पेरेग्रीन फाल्कन की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह

Fri, 30 Jan 2026 07:41 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 30 Jan 2026 07:41 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। यहां दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन नजर आया है।

विज्ञापन
'Cheetah of the Sky' spotted in Udanti-Sitanadi Tiger Reserve, presence of Peregrine Falcon adds to excitement
उदंती-सीतानदी में दिखा दुनिया का सबसे तेज़ उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। यहां दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन नजर आया है। इस दुर्लभ पक्षी को ‘आसमान का चीता’ भी कहा जाता है, जो अपनी अद्भुत रफ्तार और शिकार करने की खास तकनीक के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन


पेरेग्रीन फाल्कन को उदंती-सीतानदी क्षेत्र में वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पहले भी इस पक्षी की मौजूदगी आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास शेष पगार जलप्रपात के आसपास ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड की जा चुकी है। इससे साफ है कि यह इलाका इस दुर्लभ प्रजाति के लिए अनुकूल बनता जा रहा है।
विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार, पेरेग्रीन फाल्कन शिकार के दौरान ऊंचाई से गोता लगाते हुए करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है। सामान्य उड़ान में भी इसकी गति लगभग 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। यह मुख्य रूप से छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करता है। ऊंचाई से तेजी से नीचे आकर सटीक वार करना इसकी पहचान है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह पक्षी केवल तेज उड़ान के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी जोड़ी के प्रति वफादारी के लिए भी जाना जाता है। आमतौर पर यह अकेले या जोड़े में रहता है और जीवनभर एक ही साथी के साथ रहता है। इसका औसत जीवनकाल 12 से 15 वर्ष माना जाता है।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पेरेग्रीन फाल्कन की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यहां का पर्यावरण और जैव विविधता वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल है। हाल ही में बारनवापारा अभयारण्य में भी बर्ड सर्वे के दौरान कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियां देखी गई हैं, जिससे प्रदेश की वन संपदा की समृद्धि सामने आई है।


वन विभाग की सतत निगरानी और संरक्षण प्रयासों का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ अब देश-विदेश के दुर्लभ पक्षियों के लिए एक पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से अहम है, बल्कि राज्य की जैव विविधता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिला रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed