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Janjgir Loksabha Election result 2024: कमलेश जांगड़े ने पूर्व मंत्री डहरिया को हराया,इतने वोटों से मारी बाजी
Tue, 04 Jun 2024 12:12 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 04 Jun 2024 12:12 PM IST
सार
CG Janjgir Loksabha Election result 2024: छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट पर कमलेश जांगड़े ने विजय हासिल की है। ।
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जांजगीर चांपा सीट से कमलेश जांगड़े ने जीत दर्ज की है।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
CG Janjgir Loksabha Election result 2024: छत्तीसगढ़ की जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट पर कमलेश जांगड़े ने विजय हासिल की है। उन्होंने 60 हजार वोटों से जीत हासिल की है। उन्हें कुल 6 लाख 78 हजार 199 वोट मिले हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया को 6 लाख 18 हजार 199 वोट मिले हैं। इस तरह जीत का अंतर 60 हजार रहा। कुल वोट का प्रतिशत 48.71 रहा। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां से कुल 20 प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।
भाजपा नेत्री कमलेश जांगडे समाज सेविका, राजनीतिक रुचि और अपने समाज सहित सर्व समाज में अच्छी पकड़ा है। वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष हैं। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। उनकी शिक्षा- एम ए हिंदी साहित्य और डीएड की हुई हैं। पिछले 2019 चुनाव की स्थिति-2019 में भी टीका मिलने को लेकर नाम चल रहा था। जिसके बाद भाजपा में गुहाराम अजगल्ले को अपना उम्मीदवार बनया था, जिसके बाद 2019 के चुनाव में भाजपा 5 लाख 72 हजार790 वोट मिला था। वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी रवि भारद्वाज को 4 लाख 89 हजार 553 वोट मिला था, जिसमें भाजपा प्रत्याशी ने 88255 वोट से जीत दर्ज की थी। लंबे समय से पार्टी के कार्यकर्त्ता के रूप में काम कर रही भाजपा नेत्री कमलेश जांगडे भाजपा ने साल 2024 में चुनावी मैदान में उतारा है।
जानें जांजगीर-चांपा सीट का सियासी समीकरण
इस बार साल 2024 का लोकसभा चुनाव में जांजगीर चांपा लोकसभा सीट काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि साल 2009 और 2014 में दो बार भाजपा से कमला देवी पाटले सांसद रह चुकी हैं। वहीं साल 2009 में कांग्रेस से डॉ. शिव कुमार डहरिया ने चुनाव लडा था। जिसमें 2 लाख 14 हजार 931 वोट मिले थे,जिसमें उन्हें हार का सामान करना पड़ा था। भाजपा प्रत्याशी रहे कमला देवी पाटले ने जीत दर्ज की थी। इसी प्रकार से 2014 में कांग्रेस ने प्रेम चंद जायसी को चुनाव मैदान में उतारा था। वही भाजपा ने फिर से कमला देवी पाटले को चुनाव मैदान में उतारा जिसका परिणाम स्वरूप कांग्रेस प्रत्याशी प्रेम चंद जायसी को चुनाव में 3 लाख 43 हजार 948 वोट मिला था, भाजपा प्रत्याशी कमला देवी पाटले को 5 लाख 18 हजार 909 वोट मिला था। इस तरह से 2014 में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था।
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साल 2019 लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी से रवि भारद्वाज और भाजपा पार्टी से गुहाराम अजगले चुनाव मैदान में था, जिसमें कांग्रेस से रवि भारद्वाज को 4लाख 89 हजार 535 वोट मिले और भाजपा प्रत्याशी गुहाराम अजगले को 5 लाख 72 हजार 790 वोट मिला था। फिर से कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। जांजगीर चांपा लोकसभा सीट में लगातार 3 बार भाजपा पार्टी के झोली में जा गिरी। वहीं अगर वोट प्रतिशत की बात करें, तो तीनों बार कांग्रेस पार्टी की वोट में वृद्धि हुई है। साल 2019 में ये गुहाराम अजगले (भाजपा) 5,72,790 वोट अंतर (45.91% वोट दर), रवि भारद्वाज (कांग्रेस) 4,89,535 वोट अंतर (39.24% वोट दर), दाऊ राम रत्नाकर (बसपा) 1,31,387 वोट (10.53% वोट दर) परिणाम रहा।
जानें इस चुनाव में विधानसभावार वोट प्रतिशत
पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र नेता के रूप में की थी। स्कूल और कॉलेज में छात्र संघ के नेता के रूप में चुने गए। शिवकुमार 1990 में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के संयुक्त मंत्री रहे। इसके बाद 1997 में प्रदेश युवा कांग्रेस के महामंत्री रहे। साल 2000 में उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला। मध्य प्रदेश में राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य बने। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने के बाद 2001 में छत्तीसगढ़ प्रदेश कमेटी के प्रभारी महामंत्री भी रहे। शिवकुमार डहरिया साल 2003 में पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। 2004 में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी समिति पटल पर देखे गए पत्रों का निरीक्षण करने संबंधित समिति का सदस्य भी रहे। इसके बाद 2018 में तीसरी बार विधायक बने। भूपेश बघेल की कैबिनेट में शिवकुमार डहरिया नगरीय प्रशासन मंत्री रहे। इसके अलावा कई विभागों में उन्होंने जिम्मेदारी संभाले।
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भाजपा नेत्री कमलेश जांगडे समाज सेविका, राजनीतिक रुचि और अपने समाज सहित सर्व समाज में अच्छी पकड़ा है। वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष हैं। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। उनकी शिक्षा- एम ए हिंदी साहित्य और डीएड की हुई हैं। पिछले 2019 चुनाव की स्थिति-2019 में भी टीका मिलने को लेकर नाम चल रहा था। जिसके बाद भाजपा में गुहाराम अजगल्ले को अपना उम्मीदवार बनया था, जिसके बाद 2019 के चुनाव में भाजपा 5 लाख 72 हजार790 वोट मिला था। वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी रवि भारद्वाज को 4 लाख 89 हजार 553 वोट मिला था, जिसमें भाजपा प्रत्याशी ने 88255 वोट से जीत दर्ज की थी। लंबे समय से पार्टी के कार्यकर्त्ता के रूप में काम कर रही भाजपा नेत्री कमलेश जांगडे भाजपा ने साल 2024 में चुनावी मैदान में उतारा है।
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जानें जांजगीर-चांपा सीट का सियासी समीकरण
इस बार साल 2024 का लोकसभा चुनाव में जांजगीर चांपा लोकसभा सीट काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि साल 2009 और 2014 में दो बार भाजपा से कमला देवी पाटले सांसद रह चुकी हैं। वहीं साल 2009 में कांग्रेस से डॉ. शिव कुमार डहरिया ने चुनाव लडा था। जिसमें 2 लाख 14 हजार 931 वोट मिले थे,जिसमें उन्हें हार का सामान करना पड़ा था। भाजपा प्रत्याशी रहे कमला देवी पाटले ने जीत दर्ज की थी। इसी प्रकार से 2014 में कांग्रेस ने प्रेम चंद जायसी को चुनाव मैदान में उतारा था। वही भाजपा ने फिर से कमला देवी पाटले को चुनाव मैदान में उतारा जिसका परिणाम स्वरूप कांग्रेस प्रत्याशी प्रेम चंद जायसी को चुनाव में 3 लाख 43 हजार 948 वोट मिला था, भाजपा प्रत्याशी कमला देवी पाटले को 5 लाख 18 हजार 909 वोट मिला था। इस तरह से 2014 में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था।
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साल 2019 लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी से रवि भारद्वाज और भाजपा पार्टी से गुहाराम अजगले चुनाव मैदान में था, जिसमें कांग्रेस से रवि भारद्वाज को 4लाख 89 हजार 535 वोट मिले और भाजपा प्रत्याशी गुहाराम अजगले को 5 लाख 72 हजार 790 वोट मिला था। फिर से कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। जांजगीर चांपा लोकसभा सीट में लगातार 3 बार भाजपा पार्टी के झोली में जा गिरी। वहीं अगर वोट प्रतिशत की बात करें, तो तीनों बार कांग्रेस पार्टी की वोट में वृद्धि हुई है। साल 2019 में ये गुहाराम अजगले (भाजपा) 5,72,790 वोट अंतर (45.91% वोट दर), रवि भारद्वाज (कांग्रेस) 4,89,535 वोट अंतर (39.24% वोट दर), दाऊ राम रत्नाकर (बसपा) 1,31,387 वोट (10.53% वोट दर) परिणाम रहा।
जानें इस चुनाव में विधानसभावार वोट प्रतिशत
- अकलतरा विधानसभा में 71.39 %
- जांजगीर चांपा विधानसभा में 73.10%
- सक्ती विधानसभा में 71.79%
- चंद्रपुर विधानसभा में 67.50%
- जैजैपुर विधानसभा में 65.10%
- पामगढ़ विधानसभा में 64.48%
- बिलाईगढ़ विधानसभा में 64.95%
- कसडोल विधानसभा में 64%
पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र नेता के रूप में की थी। स्कूल और कॉलेज में छात्र संघ के नेता के रूप में चुने गए। शिवकुमार 1990 में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के संयुक्त मंत्री रहे। इसके बाद 1997 में प्रदेश युवा कांग्रेस के महामंत्री रहे। साल 2000 में उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला। मध्य प्रदेश में राज्य परिवहन प्राधिकरण के सदस्य बने। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ अलग होने के बाद 2001 में छत्तीसगढ़ प्रदेश कमेटी के प्रभारी महामंत्री भी रहे। शिवकुमार डहरिया साल 2003 में पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। 2004 में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के कल्याण संबंधी समिति पटल पर देखे गए पत्रों का निरीक्षण करने संबंधित समिति का सदस्य भी रहे। इसके बाद 2018 में तीसरी बार विधायक बने। भूपेश बघेल की कैबिनेट में शिवकुमार डहरिया नगरीय प्रशासन मंत्री रहे। इसके अलावा कई विभागों में उन्होंने जिम्मेदारी संभाले।