CG: यात्रियों को मिलने वाले पानी की गुणवत्ता पर CAG की रिपोर्ट, बिलासपुर जोन का प्रदर्शन सबसे खराब; उठा सवाल
CAG रिपोर्ट में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पेयजल व्यवस्था 16 जोन में सबसे खराब पाई गई। SECR का कमी स्कोर 93.35 रहा। रिपोर्ट के बाद रेलवे ने जल फिल्ट्रेशन सिस्टम, टंकियों की सफाई और नियमित पानी की गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए हैं।
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बिलासपुर रेल जोन में यात्रियों को मिलने वाले पेयजल को लेकर चिंताजनक स्थिति सामने आई है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) का प्रदर्शन पेयजल गुणवत्ता के मामले में देश के 16 रेलवे जोन में सबसे खराब पाया गया है। रिपोर्ट के बाद रेलवे की यात्री सुविधाओं और पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
CAG ने देश के 16 रेलवे जोन के 512 चयनित स्टेशनों पर पेयजल से जुड़े निर्धारित मानकों की जांच की। इसमें SECR का कमी स्कोर 93.35 रहा, जो सभी जोन में सबसे अधिक है। वहीं दक्षिण मध्य रेलवे 17.53 के कमी स्कोर के साथ सबसे बेहतर रहा। रिपोर्ट के अनुसार, कमी स्कोर जितना कम होता है, प्रदर्शन उतना ही बेहतर माना जाता है।
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न्यूनतम आवश्यक यात्री सुविधाओं के मामले में भी SECR का कमी स्कोर 106.6 रहा। इसके चलते बिलासपुर जोन 16वें स्थान पर रहा। हालांकि, दिव्यांगजन सुविधाओं के मामले में SECR ने बेहतर प्रदर्शन किया और देश में दूसरा स्थान हासिल किया। इस श्रेणी में जोन का कमी स्कोर 20.97 रहा।
CAG की रिपोर्ट सामने आने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इसके बाद यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे नेटवर्क में वाटर कूलरों समेत करीब 20 हजार स्थानों पर टैंक-टू-टैप जल फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने की योजना है।
इसके अलावा पानी की टंकियों की समय पर सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ स्रोत से लेकर आउटलेट तक नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इसकी बोर्ड स्तर पर निगरानी की जाएगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। CAG की रिपोर्ट के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिलासपुर रेल जोन के यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की सुविधा कब तक मिल पाएगी।