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Bilaspur: रायपुर कलेक्टर और एसपी के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर हुई सुनवाई, ध्वनि प्रदूषण से जुड़ा है मामला

Tue, 25 Apr 2023 09:42 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 25 Apr 2023 09:42 PM IST
सार

आदेश में अधिकारियों को यह बताने कहा गया है कि जनहित याचिका में दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि हम आशा करते हैं कि अधिकारी जनहित याचिका में दिए गए आदेश का शब्दशः और मूल भावना में दिन-प्रतिदिन पालन करके बताएंगे।

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Bilaspur Hearing on contempt petition filed against Raipur Collector and SP
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रायपुर कलेक्टर और एसपी के विरुद्ध रायपुर शहर में हो रहे ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। जिसमें जस्टिस पी. सैम कोशी, जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की डिवीजन बेंच ने कलेक्टर और एसपी रायपुर को नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। 

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आदेश में अधिकारियों को यह बताने कहा गया है कि जनहित याचिका में दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि हम आशा करते हैं कि अधिकारी जनहित याचिका में दिए गए आदेश का शब्दशः और मूल भावना में दिन-प्रतिदिन पालन करके बताएंगे। याचिका की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद रखी गई है। अवमानना याचिका छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति द्वारा दायर की गई है। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में अंसतुष्ट होकर कोर्ट ने नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने को आदेशित किया था।

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यह आदेश दिए गए थे जनहित याचिका में--
वर्ष 2016 में इसी मुद्दे पर नितिन सिंघवी की जनहित याचिका में निम्न विस्तृत निर्देश दिए गए थे।
-कलेक्टर और एसपी सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी वाहन पर साउंड बॉक्स नहीं बजने दिया जाए। ऐसा होता मिलने पर साउंड बॉक्स को जब्त किया जाए और बिना मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) के आदेश के साउंड बॉक्स वापस न किया जाए।
-दोबारा पकड़े जाने पर वाहन का परमिट निरस्त किया जाना है तथा उच्च न्यायालय के आदेश बिना उस वाहन को कोई भी नया परमिट नहीं जारी किया जाएगा।
-रात 10 बजे के बाद डीजे बजने पर म्यूजिक सिस्टम जब्त किए जाएं। शादियों, जन्मदिन और धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में निर्धारित मापदंड से अधिक ध्वनि विस्तार होने पर, पुलिस के मना करने के बावजूद आयोजकों द्वारा ध्वनि प्रदूषण करने पर आयोजक के विरुद्ध हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का अवमानना का प्रकरण दायर किया जाए।
-वाहनों में प्रेशर हॉर्न और मल्टीटोन हॉर्न पाया जाता है तो संबंधित अधिकारी तत्काल ही उसे वाहन से निकलवा कर नष्ट करेंगे और मामला रजिस्टर में दर्ज करेंगे। अधिकारीगण इस संबंध में वाहन नंबर के साथ मालिक तथा चालक का डेटाबेस इस रूप में रखें कि दोबारा अपराध करने पर वाहन जब्त किया जाए और हाईकोर्ट के आदेश के बिना जब्त वाहनों को नहीं छोड़ा जाए।
-स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, कोर्ट, ऑफिस से 100 मीटर एरियल डिस्टेंस पर लाउडस्पीकर बजने पर कलेक्टर, एसपी को ध्वनि विस्तार यंत्रों को जब्त करना होगा। इनको बिना मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) की अनुमति के वापस नहीं किया जाए। दूसरी बार गलती पर जब्त किए गए यंत्रों को हाईकोर्ट के आदेश बिना वापस नहीं किया जाएगा।

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