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Bilaspur: नंदकुमार साय के भाजपा छोड़ने पर शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर, BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कही ये बात

Mon, 01 May 2023 10:03 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: आकाश दुबे Updated Mon, 01 May 2023 10:03 PM IST
सार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि नंदकुमार साय को पूरा सम्मान पार्टी ने दिया है। जिस कांग्रेस के खिलाफ उन्होंने जीवन भर लड़ाई लड़ी आज उसी कांग्रेस का दामन उन्होंने थाम लिया है।

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Allegations and counter allegations started after Nandkumar Sai left BJP
छत्तीसगढ़ BJP प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव। - फोटो : social media

विस्तार

वरिष्ठ भाजपाई और आदिवासी नेता नंदकुमार साय के कांग्रेस का दामन थामने के बाद अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने साय को आड़े हाथों लिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि नंदकुमार साय को पूरा सम्मान पार्टी ने दिया है। जिस कांग्रेस के खिलाफ उन्होंने जीवन भर लड़ाई लड़ी आज उसी कांग्रेस का दामन उन्होंने थाम लिया है, उनके जाने से पार्टी को कोई क्षति नहीं होगी।

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उन्होंने आगे कहा कि नंदकुमार साय को नीचे से लेकर ऊपर तक पदों से नवाजा गया है। आज वे कांग्रेस के साथ हैं यह सोचने का विषय है। वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने साय पर पलटवार करते हुए कहा कि नंदकुमार साय ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है। नंदकुमार साय के भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में जाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लोग आते-जाते रहते हैं, पार्टी स्थाई है।

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धरमलाल कौशिक ने आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय डॉक्टर रमन सिंह की जीत है। उन्होंने जो पारित किया, निर्णय लिया था, आज सुप्रीम कोर्ट ने उस पर मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। हाईकोर्ट में कुछ असंतुष्ट लोग नहीं चाहते थे आदिवासी समाज, जनजाति समाज को 32% आरक्षण मिले, उन्होंने चुनौती दी थी।

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हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगाई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया है। आगे उन्होंने कहा कि हम पहले भी बोलते रहे हैं कि सोच समझकर इसको पारित किया गया है, लेकिन कुछ विघ्न संतोषियों ने उसे चुनौती दी थी। हालंकि, सुप्रीम कोर्ट ने आज उसे साफ कर दिया है। अब जनजातीय समाज को जो 32% आरक्षण दिया गया है, उसका लाभ मिलना शुरू हो गया है।

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