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भूपेश कैबिनेट मीटिंग: आरक्षण संशोधन विधेयक को मंजूरी, शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश पर भी मिलेगा फायदा

Thu, 24 Nov 2022 02:47 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Thu, 24 Nov 2022 02:47 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ सरकार ने आरक्षण के अनुपात में बदलाव किया था। इसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग का आरक्षण 20 से बढ़ाकर 32% कर दिया गया। वहीं अनुसूचित जाति का 16% से घटाकर 12% किया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। जिसके बाद कोर्ट ने राज्य के आरक्षण अधिनियमों की उस धारा को रद्द कर दिया, जिसमें आरक्षण का अनुपात कम हो गया।

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bhupesh cabinet meeting: reservation ammendment bill approved
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में आरक्षण संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में आरक्षण संशोधन पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। अब इसे एक दिसंबर को राज्य सरकार की ओर से बुलाए गए विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। वहीं बैठक में छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था में प्रवेश में आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। 

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मछली पालन के लिए लीज पर मिलेगा जलाशय
नवीन मछली पालन नीति में भी संशोधन किए जाने के विभागीय आदेश को मंजूरी दी गई है। अब मछली पालन के लिए तालाब और जलाशय की नीलामी नहीं की जाएगी। इसके बदले 10 साल की लीज पर दिए जाएंगे। तालाब और जलाशय के पट्टा आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह  के मछुआ समूह और मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में एसटी वर्ग के मछुआ समूह व समिति को प्राथमिकता दी जाएगी।
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संशोधन प्रस्ताव के अनुसार, ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर और सिंचाई जलाशय के मामले में चार हेक्टेयर के स्थान पर दो हेक्टेयर प्रति सदस्य/प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र आबंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिए गठित समितियों का आडिट अब सहकारिता और मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम करेगी। 
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जिला खनिज संस्थान नियम में भी संशोधन
जिला खनिज संस्थान न्यास से संपादित अधोसंरचना के कार्यों पर व्यय के लिए न्यास निधि में प्राप्त राशि से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत डीएमएफ के अन्य प्राथमिकता मद में उपलब्ध राशि का 20 प्रतिशत सामान्य क्षेत्र में और 40 प्रतिशत अधिसूचित क्षेत्र में व्यय किए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। 
 
वनोपज आधारित सामानों को सरकार बेचेगी
छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत 40 प्रतिशत की छूट के साथ राज्य सरकार वनोपज आधारित सामानों को खरीदेगी और उसे संजीवनी व अन्य माध्यमों से बेचने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से उन उद्योगों को जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं, उनको बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल के अंतर्गत अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का विक्रय हो सकेगा। हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ और निवेशकों के बीच हुए त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज उद्योगों के उत्पादों को ही इसका फायदा मिलेगा। 


यह निर्णय भी लिए गए बैठक में

  • ग्राम सेरीखेड़ी रायपुर पटवारी हल्का नंबर 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टयर भूमि के आबंटन को मंजूरी।
  • द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-23 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक को मंजूरी। 
  • प्रदेश के विभिन्न कोर्ट में विचाराधीन साधारण प्रकृति के मामलों को जनहित में वापस लिए जाने के लिए निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 तक किया गया है। 
  • मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान राशि 70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ की गई। 
  • भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से प्रस्तुत संशोधन को मंजूरी। 
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