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अब आय-जाति प्रमाण पत्र के लिए नहीं जाना पड़ेगा पटवारी के पास: भूपेश सरकार ने की व्यवस्था में अस्थाई बदलाव

Sat, 10 Jun 2023 05:11 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sat, 10 Jun 2023 05:11 PM IST
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Bhupesh baghel made temporary changes in  income-caste certificate
महानदी भवन, नवा रायपुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

अब पटवारियों के हड़ताल में रहने पर भी आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बन जाएगा। इसके लिए अब आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं हैं। अब छात्र-छात्राओं को भी दिक्कत नहीं होगी। सीएम भूपेश बघेल के निर्देश पर ऐसे प्रमाण पत्र तैयार किए जाने के संबंध में अस्थायी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। पटवारियों की अनिश्तितकालीन हड़ताल से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने में भारी परेशानी हो रही थी। 

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आदेश में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण और विच्छिन्नता अधिनियम 1979 लागू किए जाने के बाद भी पटवारी हड़ताल से वापस नहीं आए हैं। इससे जनसामान्य को आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए असुविधा हो रही है। वर्तमान समय में सरकारी नौकरी निकलने पर प्रवेश के लिए आय और जाति प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस वजह से आगामी आदेश पर्यंत आय और जाति प्रमाण पत्र तैयार किए जाने के संबंध में  अस्थायी निर्देश प्रसारित किया गया है।
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आदेश में लिखा गया है कि किसी भी स्थिति में इन प्रमाण पत्र के लिए आवेदकों से ऐसे दस्तावेजों की मांग नहीं करेंगे, जिसकी पूर्ति के लिए आवेदक को पटवारी के प्रतिवेदन पर निर्भर होना पड़े। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उपरोक्त निर्देशों के कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश आगामी आदेश  तक लागू रहेगा।
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जाति प्रमाण पत्र के लिए वांछित भू-अभिलेख, मिसल, अभिलेख, जनगणना अभिलेख, दाखिल खारिज रजिस्टर, जमाबंदी और खसरा की नकल जिसमें आवेदक उसके परिवार के किसी सदस्य की जाति हो। सभी दस्तावेज जिला कार्यालय के अभिलेखागार में और अन्य विभागों के विभागीय ऑनलाइन पोर्टल पर मिल जाएगा। ऐसे दस्तावेज पटवारी से प्राप्त करने के लिए आवेदकों को रद्द ना करते हुए उनके ऑनलाइन या जिला रिकॉर्ड रूम से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर फिर से कार्यवाही की जाए।

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग नियम, 2013 के नियम 3 के अनुसार आवेदक से वंशावली प्राप्त करने के निर्देश हैं। यदि यह वंशावली रिकार्ड है, तो इसकी आवश्यकता भी नहीं है। इसके बाद फिर भी आवश्यक होने पर ऐसी वंशावली ग्राम पंचायत के सचिव और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर स्वीकार करते हुए आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।


इसी क्रम में आय प्रमाण पत्र के लिए मांगे दस्तावेजों में नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए उनके अंतिम वित्तीय वर्ष का आयकर रिटर्न लग सकता है। वार्षिक आय की जानकारी के बाद आय प्रमाण पत्र जारी किए जा सकते हैं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों मजदूरों, छोटे कृषकों को आय प्रमाणपत्र के लिए उनके पास यदि गरीबी रेखा, राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड और श्रमिक का कार्ड होने पर यदि आवश्यक हो तो सरपंच, पंचायत सचिव या फिर पार्षद से भी आय के समर्थन के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त कर इन दस्तावेजों के आधार पर आवेदकों को आय का प्रमाण पत्र जारी करेंगे। 

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