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Bastar Loksabha Election: अलग-अलग अंदाज में दिखे बस्तर के वोटर्स, किसी ने लगायी दौड़, कोई पहुंचे ट्रैक्टर से
Fri, 19 Apr 2024 04:22 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 19 Apr 2024 04:22 PM IST
सार
नक्सली इलाका होते हुए भी लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह है। अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों में भी मतदाताओं की भीड़ है। इस चुनाव में मतदाताओं में अलग-अलग और गजब के नजारा देखने को मिला है।
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मतदान करने किसी नें ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया, किसी ने लगाई दौड़, कोई कनाडा से पहुंचा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में छत्तीसगढ़ की बस्तर लोकसभा सीट पर मतदान जारी है। वोटिंग करने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी हुई है। नक्सली इलाका होते हुए भी लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह है। अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों में भी मतदाताओं की भीड़ है। इस चुनाव में मतदाताओं में अलग-अलग और गजब के नजारा देखने को मिला है। कहीं तीन किलोमीटर दूर से मतदान करने आ रहे हैं, तो कहीं ट्रैक्टर से पोलिंग बूथ पहुंच रहे हैं। ऐसे ही कई नजारा और लोगों में उत्साह देखने को मिला है।
नारायणपुर के उस गांव में भी मतदान के लिए मतदाताओं की लंबी लाइन लगी, जिस गांव के भाजपा नेता को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया था। दो दिन पहले नक्सलियों ने फरसगांव निवासी भाजपा नेता पंचमदास मानिकपुरी की हत्या कर दी थी। ग्रामीण नक्सलियों के भय से मुक्त होकर आज उसी गांव में मतदान के लिए लंबी लाइन लगी हुई है। भारी संख्या में ग्रामीण वोटिंग करने के लिए मतदान केंद्र पहुंच हुए हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए वोटर्स काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
मतदान करने के लिए महिलाओं ने लगाई दौड़
दूसरी ओर नारायणपुर जिले के तहत आने वाले छोटे डोंगर गांव में एक अलग ही नजारा देखने को मिला है। यहां मतदान के लिए लोग इतना उत्साहित थे कि दौड़ते हुए पोलिंग बूथ पर लगी लंबी कतार में शामिल हो गए। दरअसल, ग्रामीण मतदान के समय से पहले ही पोलिंग बूथ के पास पहुंच गए थे। मतदान केंद्र अंदर से लॉक था। इसके वजह से बाहर में खड़े हुए थे। मतदान केंद्र का गेट खुलने के बाद मतदाता दौड़ते हुए नजर आये। मतदाता दौड़ते हुए वहां लगी लंबी लाइन में कतार से खड़ा हो गए। इस दौरान लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह था, वे गेट के खुलते ही वोट करने के लिए दौड़ते हुए पहुंचे।
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ट्रैक्टर से मतदान करने पहुंचे ग्रामीण
नक्सल प्रभावित इलाकों से ग्रामीण अपने मताधिकार का प्रयोग करने भरी संख्या में पहुंचे रहे हैं। ऐसे ही सुकमा जिले के मतदाताओं ने मतदान करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। मतदान केंद्र दूर में होने की वजह से मतदाता ट्रेक्टर से पोलिंग बूथ पहुंच रहे हैं। सुकमा जिले के तहत आने वाले केरलापाल के पोंगाभेजी, रबड़ीपारा और सिरसट्टी इलाके से बड़ी संख्या में आदिवासी ट्रैक्टरों में सवार होकर वोट डालने पहुंचे। ऐसे में देखा जा सकता है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भी लोग मतदान के लिए लंबी लाइन में खड़े हुए हैं।
व्हीलचेयर में 85 प्लस और कनाडा से पोलिंग बूथ पहुंचे वोटर्स
इसके साथ ही 85 प्लस के मतदाता भी व्हीलचेयर मतदान केंद्र पहुंचे। बुजुर्ग ही नहीं बल्कि फर्स्ट टाइम वोटर्स भी मतदान के लिए बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसी तरह सुकमा की निर्मला कमलाकर बीड़वई (86 साल), जो कि पिछले महीने पक्षाघात (सीवीए) से उबरी हैं। उन्होंने आज सुबह व्हीलचेयर पर जाकर मतदान किया है। इतना ही नहीं रविंद्र सिंह नामक एक व्यक्ति मतदान करने के लिए कनाडा से अपने गृह क्षेत्र जगदलपुर पहुंचे हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया।
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नारायणपुर के उस गांव में भी मतदान के लिए मतदाताओं की लंबी लाइन लगी, जिस गांव के भाजपा नेता को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया था। दो दिन पहले नक्सलियों ने फरसगांव निवासी भाजपा नेता पंचमदास मानिकपुरी की हत्या कर दी थी। ग्रामीण नक्सलियों के भय से मुक्त होकर आज उसी गांव में मतदान के लिए लंबी लाइन लगी हुई है। भारी संख्या में ग्रामीण वोटिंग करने के लिए मतदान केंद्र पहुंच हुए हैं। साथ ही लोकसभा चुनाव में मतदान के लिए वोटर्स काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
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मतदान करने के लिए महिलाओं ने लगाई दौड़
दूसरी ओर नारायणपुर जिले के तहत आने वाले छोटे डोंगर गांव में एक अलग ही नजारा देखने को मिला है। यहां मतदान के लिए लोग इतना उत्साहित थे कि दौड़ते हुए पोलिंग बूथ पर लगी लंबी कतार में शामिल हो गए। दरअसल, ग्रामीण मतदान के समय से पहले ही पोलिंग बूथ के पास पहुंच गए थे। मतदान केंद्र अंदर से लॉक था। इसके वजह से बाहर में खड़े हुए थे। मतदान केंद्र का गेट खुलने के बाद मतदाता दौड़ते हुए नजर आये। मतदाता दौड़ते हुए वहां लगी लंबी लाइन में कतार से खड़ा हो गए। इस दौरान लोगों में मतदान को लेकर काफी उत्साह था, वे गेट के खुलते ही वोट करने के लिए दौड़ते हुए पहुंचे।
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ट्रैक्टर से मतदान करने पहुंचे ग्रामीण
नक्सल प्रभावित इलाकों से ग्रामीण अपने मताधिकार का प्रयोग करने भरी संख्या में पहुंचे रहे हैं। ऐसे ही सुकमा जिले के मतदाताओं ने मतदान करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। मतदान केंद्र दूर में होने की वजह से मतदाता ट्रेक्टर से पोलिंग बूथ पहुंच रहे हैं। सुकमा जिले के तहत आने वाले केरलापाल के पोंगाभेजी, रबड़ीपारा और सिरसट्टी इलाके से बड़ी संख्या में आदिवासी ट्रैक्टरों में सवार होकर वोट डालने पहुंचे। ऐसे में देखा जा सकता है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भी लोग मतदान के लिए लंबी लाइन में खड़े हुए हैं।
व्हीलचेयर में 85 प्लस और कनाडा से पोलिंग बूथ पहुंचे वोटर्स
इसके साथ ही 85 प्लस के मतदाता भी व्हीलचेयर मतदान केंद्र पहुंचे। बुजुर्ग ही नहीं बल्कि फर्स्ट टाइम वोटर्स भी मतदान के लिए बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इसी तरह सुकमा की निर्मला कमलाकर बीड़वई (86 साल), जो कि पिछले महीने पक्षाघात (सीवीए) से उबरी हैं। उन्होंने आज सुबह व्हीलचेयर पर जाकर मतदान किया है। इतना ही नहीं रविंद्र सिंह नामक एक व्यक्ति मतदान करने के लिए कनाडा से अपने गृह क्षेत्र जगदलपुर पहुंचे हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र के पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किया।