Balod: पहली बार जिपं अध्यक्ष बनाने की जागी उम्मीद, अजय चंद्राकर को बनाया गया जिला लांछित चुनाव का पर्यवेक्षक
बालोद जिले में जिला निर्माण के बाद से अब तक जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस का कब्जा रहा है कल भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन के लिए पार्टी के स्तर पर अपने पर्यवेक्षकों की सूची जारी की है।
विस्तार
बालोद जिले में जिला निर्माण के बाद से अब तक जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस का कब्जा रहा है कल भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन के लिए पार्टी के स्तर पर अपने पर्यवेक्षकों की सूची जारी की है जिसमें बालोद जिले के लिए पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर को जिले का प्रभार दिया गया है वे पर्यवेक्षक नियुक्त हुए हैं, इस बार भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष बनाने की मूड में है क्योंकि सदन के लिए सदस्यों का बहुमत है और कद्दावर नेता इस बार स्वयं प्रभारी बनकर बालोद आ रहे हैं यह तीसरा जिला पंचायत का चुनाव है जो संपन्न होने जा रहा है नए जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख के बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी में काफी कुछ विस्तृत नजर आ रहा है अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने में भाजपा अव्वल रही है।
जानिए कौन कौन रहे अध्यक्ष
जिला पंचायत गठन होने के बाद सबसे पहले यहां पर देवलाल ठाकुर कांग्रेस से निर्वाचित होकर आगे आए अपने कार्यकाल के बाद उन्होंने कांग्रेस से बगावत कर पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया के खिलाफ दोंदी लोहारा विधानसभा चुनाव के मैदान में निर्दलीय उतरे और उन्हें हर का सामना करना पड़ा इसके बाद उन्होंने अंतिम समय में भारतीय जनता पार्टी का दामन तम तो वह जब अध्यक्ष बने थे तब वह कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष के रूप में 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया वहीं बात दूसरी बार की तो यहां पर भी कांग्रेस में अनुसूचित जाति सीट का आरक्षण हुआ और जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 1 से सोना देवी देश लहरे ने अध्यक्ष की कमान संभाली अब यह तीसरा मौका होगा जब अजय चंद्राकर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी अपना अध्यक्ष बना सकती है।
जानिए कौन कौन रेस में
बात की जाए सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की तो यहां पर जिले में इस बार जो स्थिति निर्मित हुई उसने सभी को चौंका कर रख दिया वैसे तो जिले में तीन विधानसभा सीट हैं और तीनों सीटों में कांग्रेस का कब्जा है परंतु इस बार जिला पंचायत में सर्वाधिक सिम लाने में भारतीय जनता पार्टी सफल रही है अब सीधा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की सीट पर पार्टी का निशान जमा हुआ है ऊपर से प्रदेश में अजय चंद्राकर को यहां पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया है बात करें अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों की तो सबसे प्रबल दावेदार तारिणी चंद्राकर को माना जा रहा है क्योंकि दो बार से उनके पति पुष्पेंद्र चंद्राकर यहां पर जिला पंचायत सदस्य रहे और तीसरी बार आरक्षण के फेर में उन्होंने अपनी पत्नी को मैदान में उतारा और जीत कर आगे आए वही बात की जाए तो चंद्रिका गजीर जिन्होंने जनपद के बाद जिला पंचायत की ओर रुख किया और वह भी जीत कर आगे आए हैं वहीं प्रबल दावेदारों में से एक नया चेहरा भी चर्चा में है जो की लक्ष्मी साहू के नाम से वे जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 से सदस्य बनकर सामने आए हैं और राजनीतिक पहुंच सहित संगठन के पुराने होने के कारण उन्हें इस बार अध्यक्ष का पद भी मिल सकता है बहरहाल तक किसी के भी कर सजे लेकिन पार्टी वाले अभी अजय चंद्राकर के आने की प्रतीक्षा में है।
कांग्रेस की तरफ से ये हो सकते हैं दावेदार
बात की जाए विपक्ष के कांग्रेस पार्टी की तो उनके तरफ से पूजा साहू इस बार अध्यक्ष पद के लिए प्रबल दावेदार हो सकते हैं और पार्टी उन्हें के ऊपर सारा दरोमदार लगा सकती है वहीं उपाध्यक्ष के लिए अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है जिस हिसाब से कांग्रेस ने अपना प्रदर्शन पूरे जिले में किया है उससे कहीं ना कहीं कांग्रेस का मनोबल तो कमजोर हुआ है परंतु उनके चुनाव नीति की चर्चा हमेशा अव्वल रहती है तो इस बार कांग्रेस फिर से कुछ ना कुछ कमाल करने पीछे नहीं हो सकती है।
जानिए जिसके कितने सीट
कुल सीट - 14
भाजपा - 8
कांग्रेस - 4
निर्दलीय - 2