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Balod: विवादों में जनभागीदारी अध्यक्षों की नियुक्ति, मैदान में कूदा युकां, दबी जुबान से भाजपा में भी विरोध

Tue, 20 Aug 2024 07:14 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद, छत्तीसगढ़ Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 20 Aug 2024 07:14 PM IST
सार

भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में महाविद्यालयों के जन भागीदारी समिति के अध्यक्षों की सूची जारी की गई है जो की जारी होने के बाद ही विवादों में नजर आ रही है एक तरफ जहां दबे जुबान इन नामों का विरोध होना शुरू हो गया है। 

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Appointment of public participation presidents in controversy Yuva Congress jumped into the fray in Balod
विवादों में जनभागीदारी अध्यक्षों की नियुक्ति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी द्वारा हाल ही में महाविद्यालयों के जन भागीदारी समिति के अध्यक्षों की सूची जारी की गई है जो की जारी होने के बाद ही विवादों में नजर आ रही है एक तरफ जहां दबे जुबान इन नामों का विरोध होना शुरू हो गया है तो वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं के बीच से यह बात निकाल कर सामने आ रही है कि जो व्यक्ति 5 वर्षों तक नदारत रहे उन्हें इस तरह के पद से नवाजा जा रहा है वहीं दूसरी ओर नियमों के अवहेलना की बात भी सामने आ रही है दरअसल जन भागीदारी समिति के अध्यक्षों की नियुक्ति में जिन मापदंडों का पालन करना था उन मापदंडों की अवहेलना की गई है अब युवा कांग्रेस द्वारा इस मनोनियन का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की मांग भी की जा रही है।

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अयोग्य हैं जनभागीदारी अध्यक्ष
युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कलेक्टर ने नाम ज्ञापन सौंप कर इसे रद्द कर नियमानुसार पुनः नियुक्ति करने की मांग की है युवा कांग्रेस पदाधिकारी वैभव शर्मा ने बताया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद जनभागीदारी समितियो के अध्यक्ष एवं सदस्यो का मनोनयन भंग करने के बाद नए सिरे से जनभागीदारी समितियो मनोनयन होना है। और जनभागीदारी समिति में नियमतः अध्यक्ष राज्य शासन संबंधित नगर निकाय, जनपद एवं जिला पंचायत के सदस्य विधायक अथवा सांसद में से किसी को बनाया जाना होता है परंतु कार्यालय कलेक्टर से इंटरनेट मीडिया में एक सूचि प्रसारित हो रही है जिसमें जिले के 16 शासकीय महाविधालय में जिन्हे अध्यक्ष नियुक्त किया जा रहा है उनमें अधिकांश कभी जनप्रतिनिधि रहे ही नहीं है अर्थात नियमतः गलत है।वहीं आदित्य दुबे ने बताया कि जनभागीदारी समिति में जो जिन्हे अध्यक्ष नियुक्त किया जा रहा है वह योग्य नही है जिससे महाविधालयो के कार्यकलापो में राजनितिकरण होगा जो कि जिले के विद्यार्थियो के साथ न्यायसंगत नही रहेगा आपको बता दें कि युवा कांग्रेस द्वारा इस नियुक्ति का विरोध किया जा रहा है।
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दबी जुबान भाजपाई भी कर रहे विरोध
आपको बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को जो जन भागीदारी अध्यक्ष के रूप में महाविद्यालय में मनोनीत किया गया है उनको लेकर भारतीय जनता पार्टी के ही लोगों में संतुष्टि देखने को मिल रही है हालांकि अभी तक फूल का विरोध नहीं हुआ है लेकिन दबी जुबान सभी विरोध कर रहे हैं क्योंकि जो लोग इसके लिए योग्य नहीं है उन्हें भी इसे अध्यक्ष पद से नवाजा गया है वही जो लोग विपक्ष के भारतीय जनता पार्टी के संघर्ष के समय में कोषों दूर थे उन्हें भी परिक्रमा का लाभ मिलने लगा है।
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नियमानुसार हुई नियुक्ति
पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि जो भी पूरा मामला है जो भी नियुक्तियां मनोनयन किया गया है उसमें सभी नियमों को देखकर किया गया है यहां पर कोई विरोध वाली बात नहीं है भारतीय जनता पार्टी हमेशा नियमों के दायरे में काम करती है और कांग्रेस के लोगों को यदि विरोध करना है तो अपने 5 साल के कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई जन भागीदारी अध्यक्षों की नियुक्ति को अच्छे से देख ले।

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