छत्तीसगढ़ में कौन होगा मुख्यमंत्री? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे फैसला
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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी जिसे भी विधायक दल का नेता चुनेंगे, वह उन्हें स्वीकार होगा। कांग्रेस के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि कांग्रेस विधायकों ने प्रस्ताव पास किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जिसे भी विधायक दल का नेता चुनेंगे उन्हें स्वीकार होगा। लेकिन आंतरिक लोकतंत्र को ध्यान में रखते हुए यहां सभी नवनिर्वाचित विधायकों से रायशुमारी ली जा रही है। इसके बाद नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा जाएगा। छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों से सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी को हराकर कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है।
M Kharge, Observer for Chhattisgarh: It has been unanimously decided that the head of the CLP leaders will be decided by Rahul Gandhi. Rahul Gandhi had said that even if a resolution is passed unanimously, every MLA should be talked to & their opinions have to be considered. pic.twitter.com/93z80vLNU7
— ANI (@ANI) December 12, 2018विज्ञापन
बता दें कि राज्य में कांग्रेस को 15 वर्षों के बाद बड़ी जीत दिलाने में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिंहदेव और बघेल मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार हैं। सिंहेदव ने अंबिकापुर से और बघेल ने पाटन से जीत हासिल की है।
राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमुख नेता और दुर्ग लोकसभा सीट से सांसद ताम्रध्वज भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक हैं। साहू ने दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। साहू की साफ सुथरी छवि और अन्य पिछड़ा वर्ग में मजबूत पकड़ होने के कारण उन्हें भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणदास महंत भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक हैं। महंत पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और अविभाजित मध्य प्रदेश में भी मंत्री रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी होने के कारण उन्हें भी मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है।
राज्य में कांग्रेस को 90 में से 68 सीट मिली हैं। वहीं, भाजपा के हिस्से में महज 15 सीट आयी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ :जे: और बहुजन समाज पार्टी गठबंधन को सात सीटों पर जीत मिली है। राज्य में वर्ष 2003 से लगातार रमन सिंह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी। हार की जिम्मेदारी लेते हुए सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
साहू और बघेल में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद के लिए जोर अजमाइश
मल्लिकार्जुन खड़गे रायपुर में हैं। वह कांग्रेस पार्टी के पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएलपुनिया भी वहीं है और कांग्रेस पार्टी बुधवार को देर शाम तक राज्य के भावी मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगा सकती है। मुख्यमंत्री की दौड़ में ताम्रध्वज साहू और भूपेश बघेल में कड़ा मुकाबला है।
अंतिम नाम विधायक दल की बैठक के बाद पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद आएगा। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर काफी संवेदनशील हैं और सोच विचारकर निर्णय लेना चाहते हैं। ताम्रध्वज साहू दुर्ग से लोकसभा सांसद हैं। वह दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर जीते हैं।
पिछड़े वर्ग पर साहू की अच्छी पकड़ है। दूसरे साहू की छवि काफी साफ-सुथरी मानी जाती है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में हैं। भूपेश बघेल ने रमन सिंह सरकार के खिलाफ काफी बड़ा मोर्चा खोल दिया था। हालांकि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में चरणदास महंत और टीएस सिंह देव का भी नाम चल रहा है, लेकिन मुख्य मुकाबला ताम्रध्वज साहू और भूपेश बघेल के बीच में ही माना जा रहा है।