{"_id":"5bcda627bdec2269c0436b11","slug":"assembly-elections-2018-congress-might-give-ticket-to-karuna-shukla-against-raman-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़ चुनावः कांग्रेस ने रमन सिंह के खिलाफ वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को उतारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़ चुनावः कांग्रेस ने रमन सिंह के खिलाफ वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को उतारा
Mon, 22 Oct 2018 03:57 PM IST
Riya Kumari
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Riya Kumari
Updated Mon, 22 Oct 2018 03:57 PM IST
विज्ञापन
रमन सिंह और करुणा शुक्ला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चर्चा थी कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ राजनांदगांव में कांग्रेस की तरफ से चुनाव कौन लड़ेगा? लेकिन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को राजनांदगांव से टिकट दे दिया गया है। सूची से साफ है कि चुनाव मैदान में रमन सिंह के सामने करुणा शुक्ला होंगी। पिछले दिनों ये चर्चा चली थी कि पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा सीएम के खिलाफ मैदान में हो सकते हैं। फिर नाम ताम्रध्वज साहू का भी आया।
दरअसल, कांग्रेस चाह रही थी कि मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ कोई बड़ा नाम उतारा जाए। किसी भी कांग्रेस नेता में रमन सिंह के खिलाफ उतरने का साहस नहीं दिख रहा था। लिहाजा अपने अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए कांग्रेस का कोई बड़ा चेहरा हामी भरने को तैयार नहीं था। दूसरी तरफ करुणा शुक्ला के लिए फिलहाल उनकी पसंदीदा जगहों में गुंजाइश बनती भी नहीं दिख रही थी।
कौन हैं करुणा शुक्ला?
करुणा शुक्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की भतीजी हैं, कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह छत्तीसगढ़ से बीजेपी सांसद रह चुकी हैं। बाद में उपेक्षा का आरोप लगाकर करुणा ने अपना पाला बदला और कांग्रेस में शामिल हो गईं। करुणा शुक्ला के राजनीतिक करियर की बात की जाए तो 1993 में पहली बार विधानसभा सदस्य चुनी गई। 2004 में जांजगीर सीट से जीत दर्ज कराई थी। उसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में चरणदास महंत से हार गई थीं। भाजपा में रहते हुए करुणा शुक्ला कई महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, कांग्रेस चाह रही थी कि मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ कोई बड़ा नाम उतारा जाए। किसी भी कांग्रेस नेता में रमन सिंह के खिलाफ उतरने का साहस नहीं दिख रहा था। लिहाजा अपने अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए कांग्रेस का कोई बड़ा चेहरा हामी भरने को तैयार नहीं था। दूसरी तरफ करुणा शुक्ला के लिए फिलहाल उनकी पसंदीदा जगहों में गुंजाइश बनती भी नहीं दिख रही थी।
विज्ञापन
कौन हैं करुणा शुक्ला?
करुणा शुक्ला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की भतीजी हैं, कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह छत्तीसगढ़ से बीजेपी सांसद रह चुकी हैं। बाद में उपेक्षा का आरोप लगाकर करुणा ने अपना पाला बदला और कांग्रेस में शामिल हो गईं। करुणा शुक्ला के राजनीतिक करियर की बात की जाए तो 1993 में पहली बार विधानसभा सदस्य चुनी गई। 2004 में जांजगीर सीट से जीत दर्ज कराई थी। उसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में चरणदास महंत से हार गई थीं। भाजपा में रहते हुए करुणा शुक्ला कई महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं।
विज्ञापन