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आप ने आदिवासी युवा कोमल हुपेंडी को बनाया मुख्यमंत्री पद का चेहरा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Thu, 11 Oct 2018 11:55 AM IST
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कोमल हुपेंडी
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही आम आदमी पार्टी (आप) ने आदिवासी समाज के युवक को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर किया है। आप के वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे राज्य में मुख्यमंत्री पद के सबसे युवा उम्मीदवार हैं। 'आप' यह दांव चलकर आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति के वोटों को अपने पाले में करने की कोशिश में है।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है। पार्टी ने 84 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने 37 वर्ष के युवक कोमल हुपेंडी को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर अन्य राजनीतिक दलों को चौंका दिया है।
हुपेंडी राज्य के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के मुंगवाल गांव के निवासी हैं।
रायपुर में बुधवार को आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने बताया कि हुपेंडी राज्य में मुख्यमंत्री पद के सबसे युवा उम्मीदवार हैं। इतिहास में एमए तक पढ़ाई करने वाले हुपेंडी साल 2005 बैच में सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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राय ने बताया कि हुपेंडी ने साल 2016 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और आम आदमी पार्टी के सदस्य बन गए थे।
आप नेता ने बताया कि हुपेंडी ने दो किताब लिखी हैं तथा राज्य में आदिवासियों के लिए हुल्की महोत्सव, कोलांग महोत्सव और पर्रा जलसा की शुरूआत की थी।
राय के मुताबिक हुपेंडी गरीब आदिवासी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं और शराब बंदी को लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं।
आप के प्रदेश संयोजक संकेत ठाकुर ने कहा कि राज्य में आदिवासी और किसान समेत समाज के सभी वर्ग अब आम आदमी पार्टी पर भरोसा कर रहे हैं। राज्य में भाजपा के पिछले 15 वर्ष के शासनकाल में सरकार ने इस वर्ग को भुला दिया है। वहीं लोगों को कांग्रेस पर भरोसा नहीं है।
ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण आदिवासियों और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए हुआ था। लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया है। उनकी पार्टी चाहती है कि राज्य में आदिवासी क्षेत्रों का विकास हो। मुख्यमंत्री पद के लिए आदिवासी युवा को इसीलिए सामने लाया गया है।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें है। इनमें से 49 सीटों पर भाजपा का तथा 39 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। वहीं एक-एक सीटों पर बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायक हैं। राज्य में अनुसूचित जनजाति के लिए 29 सीटें आरक्षित हैं जो राज्य में सरकार बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप राज्य की 11 सीटों में 10 सीटों पर चुनाव लड़ी थी तथा सभी सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। (इनपुट:भाषा)
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आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ में सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है। पार्टी ने 84 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है। पार्टी ने 37 वर्ष के युवक कोमल हुपेंडी को मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर अन्य राजनीतिक दलों को चौंका दिया है।
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हुपेंडी राज्य के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के मुंगवाल गांव के निवासी हैं।
रायपुर में बुधवार को आप के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने बताया कि हुपेंडी राज्य में मुख्यमंत्री पद के सबसे युवा उम्मीदवार हैं। इतिहास में एमए तक पढ़ाई करने वाले हुपेंडी साल 2005 बैच में सहकारिता विस्तार अधिकारी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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राय ने बताया कि हुपेंडी ने साल 2016 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और आम आदमी पार्टी के सदस्य बन गए थे।
आप नेता ने बताया कि हुपेंडी ने दो किताब लिखी हैं तथा राज्य में आदिवासियों के लिए हुल्की महोत्सव, कोलांग महोत्सव और पर्रा जलसा की शुरूआत की थी।
राय के मुताबिक हुपेंडी गरीब आदिवासी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं और शराब बंदी को लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं।
आप के प्रदेश संयोजक संकेत ठाकुर ने कहा कि राज्य में आदिवासी और किसान समेत समाज के सभी वर्ग अब आम आदमी पार्टी पर भरोसा कर रहे हैं। राज्य में भाजपा के पिछले 15 वर्ष के शासनकाल में सरकार ने इस वर्ग को भुला दिया है। वहीं लोगों को कांग्रेस पर भरोसा नहीं है।
ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ का निर्माण आदिवासियों और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के विकास के लिए हुआ था। लेकिन यह अभी तक नहीं हो पाया है। उनकी पार्टी चाहती है कि राज्य में आदिवासी क्षेत्रों का विकास हो। मुख्यमंत्री पद के लिए आदिवासी युवा को इसीलिए सामने लाया गया है।
छत्तीसगढ़ में विधानसभा की 90 सीटें है। इनमें से 49 सीटों पर भाजपा का तथा 39 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। वहीं एक-एक सीटों पर बहुजन समाज पार्टी और निर्दलीय विधायक हैं। राज्य में अनुसूचित जनजाति के लिए 29 सीटें आरक्षित हैं जो राज्य में सरकार बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप राज्य की 11 सीटों में 10 सीटों पर चुनाव लड़ी थी तथा सभी सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। (इनपुट:भाषा)