फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   army can solve naxal issue in four hour

'चार घंटे में नक्सलवाद हो सकता खत्म लेकिन दिल इजाजत नहीं देता'

Tue, 12 May 2015 05:42 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 12 May 2015 05:42 PM IST
विज्ञापन
army can solve naxal issue in four hour

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नक्सलवाद के खिलाफ दोबारा खड़ा हो रहा सलवा जुडूम आंदोलन पर राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने के लिए स्थानीय लोगों को आगे लाया जा रहा है, जो कि बेहद संवेदनशील है।

विज्ञापन


द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सीएम रमन सिंह ने कहा कि अगर ग्रामीण सुरक्षा बलों के साथ मिलकर नक्सलवाद से निपटने में मदद करे, सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा देगी। सिंह ने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीनक्सल फोर्स बनाने के लिए कुछ स्थानीय नेताओें के सुझाव भी आए हैं जिन पर सरकार काम कर रही है।

विज्ञापन

सलवा जूडूम 'पार्ट टू'

army can solve naxal issue in four hour

लंबे समय से कांग्रेस पार्टी में रहे महेंद्रा कर्मा ने नक्सलवाद के खिलाफ सलवा जुडूम आंदोलन की शुरूआत की। वर्ष 2013 में बस्तर में हुए नक्सली हमले में महेंद्र कर्मा मारे गए। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे सलवा जुडूम आंदोलन को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक बताकर वर्ष 2011 में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।

अब सलवा जुडूम आंदोलन के संस्‍थापक रहे कांगेस नेता महेंद्र कर्मा के बेटे व कांग्रेस प्रदेश सचिव छविंद्र ने बस्तर समेत नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में एक बार फिर नक्सल विरोधी सलवा जुडूम जैसे जन जागरन अभियान का ऐलान किया है। आगामी 25 मई को बस्तर से इसकी शुरूआत करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं यह सलवा जुडूम पार्ट टू की तैयारी है।

चार घंटे में नक्सलवाद हो सकता खत्म

army can solve naxal issue in four hour

हालांकि सीएम रमन सिंह का दावा है कि सलवा जुडूम एक जनआंदोलन था। इसमें लोगों को नक्सलवाद से लड़ने के लिए जागरूक कर तैयार किया जाता है। रमन सिंह ने कहा कि वे लोगों को आश्वासन देते हैं कि वे पूरी तरह से सु‌रक्षित हैं। लोग नक्सलवाद से लड़ने के लिए आगे आएं।

सेना को नक्सलवाद के लिए हर समय तैनात नहीं किया जा सकता है। कहा कि संविधान अपने लोगों के खिलाफ तैनात रहने की इजाजत नहीं देता है, और ना ही मेरा दिल इसकी इजाजत देता है। अगर सेना तैनात हो गई तो चार घंटे में नक्सलवाद की समस्या का हल हो सकता है, लेकिन ऐना नहीं होना चाहिए। नक्सलवाद से निपटने के लिए राज्य और केंद्र सरकार प्रयास कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed