{"_id":"64e9ff92bacc3d59c70026e5","slug":"anurag-singh-deo-comment-on-congress-manifesto-committee-chairman-mohammad-akbar-2023-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG: कांग्रेस के घोषणा पत्र समिति अध्यक्ष पर अनुराग का कटाक्ष; बोले- अकबर को मिला है जनता को झांसा देने का ठेका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: कांग्रेस के घोषणा पत्र समिति अध्यक्ष पर अनुराग का कटाक्ष; बोले- अकबर को मिला है जनता को झांसा देने का ठेका
Sat, 26 Aug 2023 07:06 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 26 Aug 2023 07:06 PM IST
सार
बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि वो एक महिला होते हुए भी कांग्रेस के पिछले घोषणा पत्र में शराबबंदी के वादे को लागू करने से इंकार किया है।
विज्ञापन
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आज कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि वो एक महिला होते हुए भी कांग्रेस के पिछले घोषणा पत्र में शराबबंदी के वादे को लागू करने से इंकार किया है। उनका बयान 'छत्तीसगढ़ में शराबबंदी की जरूरत नहीं है।' कांग्रेस का पिछला घोषणा पत्र बनाने वाले टीएस सिंहदेव ने घोषणा पत्र पर अमल नहीं होने पर हाथ खड़े कर दिए हैं। लिहाजा, इस बार जनता को झांसा देने का ठेका मोहम्मद अकबर को दिया गया है, जिन्होंने उस घोषणा पत्र को पढ़ा ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब पिछली घोषणाएं 33 फीसदी से आगे नहीं बढ़ीं तो कांग्रेस को अब नया घोषणा पत्र बनाने की जरूरत क्या है? कांग्रेस अपने पिछले घोषणा पत्र को फिर से प्रस्तुत करे और जनता से माफी मांगे कि 5 साल में जन घोषणाएं दरकिनार कर केवल घपले, घोटाले, कमीशनबाजी, भ्रष्टाचार किया है। आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी के कथन से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस ने शराब को अवैध कमाई का जरिया मान रखा है। जितना राजस्व सरकार के खजाने में गया, उससे ज्यादा कांग्रेस की तिजोरी में गया। 2 हजार करोड़ का शराब घोटाला करने के बाद अब कांग्रेस को शराबबंदी की जरूरत महसूस नहीं हो रही। जाहिर है कि रामद्रोही कांग्रेस काली कमाई की खातिर गंगाद्रोही भी बन गई है। इन्होंने गंगाजल हाथ में लेकर छत्तीसगढ़ की बहन बेटियों, माताओं से जो वादे किए थे, युवाओं से जो वादे किए गए थे, उन सभी से भाग चुके हैं। जिसने 2018 का जन घोषणापत्र नहीं पढ़ा, उसे घोषणा पत्र समिति का संयोजक बनाना जनता के साथ मजाक है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सिंहदेव ने कहा कि अगर घोषणा पत्र बनाना ही है तो रविंद्र चौबे, सत्यनारायण शर्मा, ताम्रध्वज साहू, धनेंद्र साहू, शिव डहरिया दीपक बैज, मोहन मरकाम के रहते मोहम्मद अकबर ही क्यों? जिनके कारण कवर्धा में दंगे हुए। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार धर्म के नाम पर कर्फ्यू लगा। जिन्होंने 300 गाड़ियों का काफिला लेकर हिंदुत्व के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। आखिर कांग्रेस भविष्य में किस तरह की घोषणाएं करवाना चाहती है? क्या कांग्रेस के घोषणा पत्र में तुष्टिकरण सबसे अहम होगा। संभावना तो यही है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ की जनता के लिए नहीं बल्कि अपने कुछ खास मंसूबों के लिए घोषणा पत्र तैयार करवा रही है। कांग्रेस ने अपने बेहतर नेताओं का भरोसा खो दिया है। कांग्रेस घोषणा पत्र समिति को कांग्रेसी गंभीरता से नहीं ले रहे। वह कांग्रेस के घोषणा पत्र के हिस्सेदार नहीं बनना चाहते। क्योंकि कांग्रेस घोषणा पत्र की हकीकत से यह सभी वाकिफ हैं और अपना मजाक नहीं उड़ाना चाहते। जन घोषणा पत्र बनाने वाले सिंहदेव कबूल करते हैं कि 12 घोषणाएं पूरी हुई, 12 में आंशिक कार्य हुए हैं और 12 घोषणाओं को छुआ भी नहीं गया है। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ताओं से कहलाया जाता है कि भूपेश बघेल सरकार ने 34 वादे पूरे कर दिए। कांग्रेस सबसे पहले तो यह बताए कि झूठ कौन बोलता है। कांग्रेस के प्रवक्ता गलत जानकारी दे रहे हैं या उपमुख्यमंत्री सिंहदेव झूठ बोल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब पिछली घोषणाएं 33 फीसदी से आगे नहीं बढ़ीं तो कांग्रेस को अब नया घोषणा पत्र बनाने की जरूरत क्या है? कांग्रेस अपने पिछले घोषणा पत्र को फिर से प्रस्तुत करे और जनता से माफी मांगे कि 5 साल में जन घोषणाएं दरकिनार कर केवल घपले, घोटाले, कमीशनबाजी, भ्रष्टाचार किया है। आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी के कथन से स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस ने शराब को अवैध कमाई का जरिया मान रखा है। जितना राजस्व सरकार के खजाने में गया, उससे ज्यादा कांग्रेस की तिजोरी में गया। 2 हजार करोड़ का शराब घोटाला करने के बाद अब कांग्रेस को शराबबंदी की जरूरत महसूस नहीं हो रही। जाहिर है कि रामद्रोही कांग्रेस काली कमाई की खातिर गंगाद्रोही भी बन गई है। इन्होंने गंगाजल हाथ में लेकर छत्तीसगढ़ की बहन बेटियों, माताओं से जो वादे किए थे, युवाओं से जो वादे किए गए थे, उन सभी से भाग चुके हैं। जिसने 2018 का जन घोषणापत्र नहीं पढ़ा, उसे घोषणा पत्र समिति का संयोजक बनाना जनता के साथ मजाक है।
विज्ञापन
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सिंहदेव ने कहा कि अगर घोषणा पत्र बनाना ही है तो रविंद्र चौबे, सत्यनारायण शर्मा, ताम्रध्वज साहू, धनेंद्र साहू, शिव डहरिया दीपक बैज, मोहन मरकाम के रहते मोहम्मद अकबर ही क्यों? जिनके कारण कवर्धा में दंगे हुए। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार धर्म के नाम पर कर्फ्यू लगा। जिन्होंने 300 गाड़ियों का काफिला लेकर हिंदुत्व के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन किया। आखिर कांग्रेस भविष्य में किस तरह की घोषणाएं करवाना चाहती है? क्या कांग्रेस के घोषणा पत्र में तुष्टिकरण सबसे अहम होगा। संभावना तो यही है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ की जनता के लिए नहीं बल्कि अपने कुछ खास मंसूबों के लिए घोषणा पत्र तैयार करवा रही है। कांग्रेस ने अपने बेहतर नेताओं का भरोसा खो दिया है। कांग्रेस घोषणा पत्र समिति को कांग्रेसी गंभीरता से नहीं ले रहे। वह कांग्रेस के घोषणा पत्र के हिस्सेदार नहीं बनना चाहते। क्योंकि कांग्रेस घोषणा पत्र की हकीकत से यह सभी वाकिफ हैं और अपना मजाक नहीं उड़ाना चाहते। जन घोषणा पत्र बनाने वाले सिंहदेव कबूल करते हैं कि 12 घोषणाएं पूरी हुई, 12 में आंशिक कार्य हुए हैं और 12 घोषणाओं को छुआ भी नहीं गया है। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ताओं से कहलाया जाता है कि भूपेश बघेल सरकार ने 34 वादे पूरे कर दिए। कांग्रेस सबसे पहले तो यह बताए कि झूठ कौन बोलता है। कांग्रेस के प्रवक्ता गलत जानकारी दे रहे हैं या उपमुख्यमंत्री सिंहदेव झूठ बोल रहे हैं।
विज्ञापन