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जंगल में गूंजी किलकारी: महिला ने बच्चे को दिया जन्म, जंगली जानवरों का सताता रहा डर; 112 की टीम ने कराया प्रसव
Sun, 13 Apr 2025 09:07 AM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 13 Apr 2025 09:07 AM IST
सार
परिजनों और मितानिन के अनुरोध पर वाहन को रोककर उसी ईआरवी वाहन में मितानिन की देखरेख में सुरक्षित प्रसव कराया गया। संगीता ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
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जंगल में महिला ने बच्चे को दिया जन्म
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा जिले में बांगो थाना क्षेत्र के ग्राम खोटखोर्री निवासी संगीता कुजूर (22) पत्नी संदीप कुजूर को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत बांगो थाना अंतर्गत 112 कोबरा वाहन को सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 की टीम, जिसमें चालक संजय कुमार और आरक्षक राम सिंह श्याम (618) शामिल थे, तत्काल मौके पर पहुंची।
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संगीता को प्रसव पीड़ा के कारण तड़पते देख, परिजनों और मितानिन प्रेमा बाई की सहायता से उन्हें 112 ईआरवी वाहन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरगा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में जंगल क्षेत्र में उनकी प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। परिजनों और मितानिन के अनुरोध पर वाहन को रोककर उसी ईआरवी वाहन में मितानिन की देखरेख में सुरक्षित प्रसव कराया गया। संगीता ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
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प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों को उचित उपचार के लिए मोरगा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर और स्वस्थ बताई गई। यह संगीता का पहला बच्चा है और नौ महीने की गर्भावस्था पूरी होने के बाद अचानक शुरू हुई पीड़ा के बीच यह घटना घटी। बच्चे की किलकारी से परिवार में खुशी का माहौल है और परिजनों ने अस्पताल में मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया।
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परिजनों ने 112 की टीम, चालक संजय कुमार, आरक्षक राम सिंह श्याम और मितानिन प्रेमा बाई का आभार व्यक्त किया। मितानिनों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसी परिस्थितियों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसका इस घटना में महत्वपूर्ण योगदान रहा। हालांकि, जंगल में प्रसव के दौरान परिवार को जंगली जानवरों का डर सताता रहा, लेकिन 112 की त्वरित कार्रवाई और मितानिन की सूझबूझ से सब कुछ सुरक्षित रहा।