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छत्तीसगढ़: बेटी के घर जा रहे 53 वर्षीय ग्रामीण पर जंगली हाथी ने किया हमला, मौके पर मौत; जंगल की ओर भागा 'कबरा'
Wed, 30 Sep 2026 09:03 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 30 Sep 2026 09:03 PM IST
सार
बलरामपुर के परसवारकला में बेटी के घर जा रहे 53 वर्षीय ग्रामीण की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। वन विभाग के मुताबिक 'कबरा' नामक हाथी ने रात करीब 7:05 बजे हमला किया। परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है।
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बेटी के घर जा रहे 53 वर्षीय ग्रामीण पर जंगली हाथी ने किया हमला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र राजपुर के उप परिक्षेत्र बरियों अंतर्गत ग्राम परसवारकला (बड़खापारा) में जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान सुटरूंग कौशिक (53), पिता गोहन्दुल कौशिक के रूप में हुई है। घटना के बाद हमला करने वाला 'कबरा' नामक हाथी ग्राम रेवतपुर की ओर निकलते हुए जंगल में चला गया।
महान नदी के पास हुआ हाथी से सामना
जानकारी के मुताबिक सुटरूंग कौशिक पारिवारिक विवाद के चलते अपनी बेटी के घर जा रहे थे। बताया गया कि वे शराब के नशे में थे। इसी दौरान रात करीब 7:05 बजे महान नदी पार कर रहे 'कबरा' नामक जंगली हाथी से उनका सामना हो गया। वन विभाग के अनुसार, हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथी ग्राम रेवतपुर होते हुए जंगल की ओर चला गया।
सुबह हुआ पंचनामा, मौके पर पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही हाथियों की निगरानी में तैनात वन अमला मौके पर पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। रात होने के कारण 30 सितंबर की सुबह पुलिस ने मौका पंचनामा की कार्रवाई कर मर्ग कायम किया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने मौके पर ही शव का पोस्टमार्टम किया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
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परिवार को 6 लाख रुपये की सहायता
वन विभाग ने मृतक के वैध उत्तराधिकारी और पत्नी कुलेश्वरी कौशिक को तत्काल राहत के तौर पर 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। विभाग के अनुसार शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी। इस दौरान उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव, राजपुर वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
हाथियों की गतिविधियों पर नजर, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में हाथियों के विचरण की जानकारी गज संकेत ऐप और स्थानीय व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से साझा की जा रही है। वन अमला और हाथी मित्र दल भी लगातार गश्त कर रहे हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय पगडंडी या सुनसान रास्तों से अनावश्यक आवागमन न करें। हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में भीड़ न लगाएं और जंगल की ओर जाने से बचें। हाथी दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
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महान नदी के पास हुआ हाथी से सामना
जानकारी के मुताबिक सुटरूंग कौशिक पारिवारिक विवाद के चलते अपनी बेटी के घर जा रहे थे। बताया गया कि वे शराब के नशे में थे। इसी दौरान रात करीब 7:05 बजे महान नदी पार कर रहे 'कबरा' नामक जंगली हाथी से उनका सामना हो गया। वन विभाग के अनुसार, हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हाथी ग्राम रेवतपुर होते हुए जंगल की ओर चला गया।
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सुबह हुआ पंचनामा, मौके पर पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही हाथियों की निगरानी में तैनात वन अमला मौके पर पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। रात होने के कारण 30 सितंबर की सुबह पुलिस ने मौका पंचनामा की कार्रवाई कर मर्ग कायम किया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने मौके पर ही शव का पोस्टमार्टम किया। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
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परिवार को 6 लाख रुपये की सहायता
वन विभाग ने मृतक के वैध उत्तराधिकारी और पत्नी कुलेश्वरी कौशिक को तत्काल राहत के तौर पर 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। विभाग के अनुसार शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी। इस दौरान उप वनमंडलाधिकारी रविशंकर श्रीवास्तव, राजपुर वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
हाथियों की गतिविधियों पर नजर, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में हाथियों के विचरण की जानकारी गज संकेत ऐप और स्थानीय व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से साझा की जा रही है। वन अमला और हाथी मित्र दल भी लगातार गश्त कर रहे हैं। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि रात के समय पगडंडी या सुनसान रास्तों से अनावश्यक आवागमन न करें। हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में भीड़ न लगाएं और जंगल की ओर जाने से बचें। हाथी दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।