बीजापुर में शिक्षा की नई सुबह: नक्सल इलाकों में 50 स्कूल फिर से खुले, 8000 बच्चे जुड़े; ग्रामीणों का रहा सहयोग
जिला प्रशासन स्कूलों में किताबें, मिड-डे मील और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। नक्सली हिंसा के दौरान कई स्कूल ध्वस्त हो गए थे, लेकिन गांव वालों के सहयोग से इनका पुनर्निर्माण संभव हो सका। स्थानीय समुदाय ने स्कूलों को फिर से खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नक्सली हिंसा से प्रभावित बीजापुर जिले में शिक्षा की लौ फिर से जल उठी है। छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से 50 स्कूलों को दोबारा खोला गया है, जिससे करीब 8,000 बच्चे शिक्षा से फिर से जुड़ गए हैं। एपीसी मोहम्मद जाकिर खान ने बताया कि सरकार शिक्षा के अधिकार को हर बच्चे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
#WATCH | Chhattisgarh | Educational institutions, brimming with young students, thrive in the Bijapur district, where schools were once shut down due to naxal terror. pic.twitter.com/ZBJ3l7c60M
— ANI (@ANI) May 11, 2025
एपीसी मोहम्मद जाकिर ने कहा, 'छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे तक पहुंचे। इन प्रयासों के तहत 50 स्कूल फिर से खोले गए हैं और करीब 8,000 बच्चे शिक्षा से फिर से जुड़े हैं। जिला प्रशासन छात्रों को किताबें और मिड-डे मील जैसी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। गांव के लोगों ने भी स्कूल खोलने में सहयोग करना शुरू कर दिया है। नक्सली हिंसा के दौरान कई स्कूल ध्वस्त हो गए थे, लेकिन इनका पुनर्निर्माण तभी हो सका जब गांव के लोगों ने मदद की।'
अब बीजापुर के शैक्षणिक संस्थान युवा विद्यार्थियों से गुलजार हैं, जहां कभी नक्सली आतंक के कारण स्कूलों के दरवाजे बंद हो गए थे। यह प्रयास न केवल शिक्षा को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण भी जगा रहा है।