फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Chandigarh : Panjab University is yet to make roster

लापरवाही : आरक्षण देने के लिए यूजीसी गंभीर, पंजाब यूनिवर्सिटी ने अब तक रोस्टर भी नहीं बनाया 

Thu, 04 Feb 2021 02:35 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 04 Feb 2021 02:35 AM IST
विज्ञापन
Chandigarh : Panjab University is yet to make roster
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ - फोटो : फाइल फोटो

आरक्षित वर्ग के लोगों को लाभ देने के लिए यूनियन ग्रांट कमीशन पूरी तरह गंभीर है, पर चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी नहीं। यही कारण है कि अब तक पीयू ने रोस्टर भी तैयार नहीं किया है। यूजीसी ने एक फरवरी को सभी विश्वविद्यालयों से कहा है कि वह रोस्टर को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें ताकि सभी को जानकारी मिल सके।

विज्ञापन


अब पीयू के सामने संकट हो गया कि वह क्या अपलोड करे। यूजीसी ने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है कि भर्तियों के दौरान बैकलॉक का भी ध्यान रखा जाए। यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. जीएस चौहान ने सभी केंद्रीय, राज्य, डीम्ड विश्वविद्यालयों व अन्य शिक्षण संस्थानों को पत्र जारी किया है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - अच्छी खबर : स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण में चंडीगढ़ सबसे आगे, केंद्र शासित प्रदेशों में पहला स्थान 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा है कि आयोग शिक्षण और गैर शिक्षण पदों के साथ साथ विश्वविद्यालय और कॉलेजों में सभी स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग व ईडब्ल्यूएस व्यक्तियों के लिए आरक्षण नीति के कार्यान्वयन की प्रगति पर निरंतर निगरानी कर रहा है। इसका लाभ इन वर्गों को शिक्षण संस्थानों को हर हाल में देना है। साथ ही भारत सरकार के निर्देशों का पालन करना है। रोस्टर को वेबसाइट पर अपलोड करना होगा और समय-समय पर उसमें होने वाले बदलावों को भी शामिल करना होगा। इसके अलावा यह भी कहा है कि शिक्षण व गैर शिक्षण पदों में शेष आरक्षित पदों को भरा जाए।

पीयू ने रोस्टर अब तक क्यों अटकाया

पीयू ने शिक्षकों के लिए भी दो बार रोस्टर बनाया, लेकिन उसमें कमियां निकाल दी गईं। इसी तरह कर्मचारियों का भी रोस्टर तैयार हुआ, उसे भी लागू नहीं किया गया। कुछ लोगों का कहना है कि यह रोस्टर पीयू में एक हथियार के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। शिक्षकों की जब भर्तियां निकलीं तो यह कह दिया गया कि रोस्टर लागू किया जाए। 


बिना रोस्टर लागू किए हो रही हैं भर्तियां

पीयू में प्रयोगशालाओं और विभागों में अस्थायी भर्तियां हो रही हैं। कुछ भर्तियों के लिए तो विज्ञापन जारी होना था, लेकिन वह नहीं किया गया। कुछ शिक्षकों ने कहा है कि बिना रोस्टर लागू हुए यह अस्थायी भर्तियां भी न की जाएं, क्योंकि इसमें भी आरक्षित वर्ग के पद हैं। किसी लैब में तीन तो किसी में दो भर्तियां होती रहीं तो आरक्षित वर्ग को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। 


जानकारों का कहना है कि यदि आठ भर्तियां एक साथ या कई विभागों को जोड़कर निकलती हैं तो उसमें एससी, बीसी वर्ग के लिए भी पद आरक्षित होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस बारे में डीआर कार्यालय से संपर्क किया गया, लेकिन नहीं हो पाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed