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लापरवाही के चलते खतरे में हजारों नौनिहालों का भविष्य

Wed, 30 Mar 2016 09:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 30 Mar 2016 09:58 AM IST
सार

  • नोटिस देने के बावजूद स्कूलों ने नहीं बताई सीटों की संख्या 
  • जानकारी न होने के बावजूद शिक्षा विभाग ने शुरू की दाखिला प्रक्रिया 
  • 134ए के तहत प्राइवेट स्कूलों को देना है गरीब बच्चों को दाखिला

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thousand students future in danger

विस्तार

इसे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही कहें या प्राइवेट स्कूलों की मनमानी। दोनों ही सूरत में जिले के हजारों नौनिहालों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले के लिए शिक्षा विभाग के पास फॉर्म जमा करा दिए हैं।

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लेकिन जिले के प्राइवेट स्कूलों ने नियम 134ए के तहत रिक्त सीटों की जानकारी ही नहीं दी है। न ही इससे संबंधित कोई नोटिस जारी किया गया है। ऐसे में मंगलवार से शुरू हुई ऑनलाइन व ऑफलाइन दाखिला प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के जिला शिक्षा अधिकारियों को जो पत्र जारी किया गया है उसके मुताबिक 18 मार्च तक सभी प्राइवेट स्कूलों को अपनी सभी कक्षाओं की ईडब्ल्यूएस और बीपीएल कैटेगरी की रिक्त सीटों के बारे में अखबारों में विज्ञापन जारी करना था।
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इसके बाद 25 मार्च तक सभी स्कूलों को अपने-अपने स्कूलों में ईडब्ल्यूएस और बीपीएल कैटेगरी के तहत रखे जाने वाली 10 प्रतिशत कोटे की सीटों के बारे में नोटिस जारी करना था। इस नोटिस में खाली सीटों की मौजूदा स्थिति दिखाई जानी थी। साथ ही इस नोटिस की एक प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करानी थी। 

ड्रॉ के बावजूद नहीं मिला था दाखिला
अगर जिले के प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस और बीपीएल कैटेगरी के तहत 10 प्रतिशत कोटे की सीटों पर बात करें तो यहां करीब 5 हजार सीटें रिक्त हैं। लेकिन अगर 5000 सीटों पर बच्चों के दाखिलों का प्रतिशत देखा जाए तो केवल एक या दो होता है।

शिक्षा अधिकारियों की कारगुजारियों के कारण पिछले वर्ष इन्हें भी दाखिले के लिए धक्के खाने पड़े थे। पिछले साल 14 अगस्त, 2015 को खंड शिक्षा अधिकारी बल्लभगढ़ की ओर से कक्षा 2 से 8 तक 160 छात्रों का, खंड शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद द्वारा 84 छात्रों का ड्रॉ निकाला गया और उन्हें प्राइवेट स्कूल में आवंटित किए गए। लेकिन इन बच्चों को निजी स्कूलों ने दाखिला देने से मना कर दिया। अभिभावक दाखिला की सूची को लेकर संबंधित निजी स्कूल में पहुंचे तो उन्हें गेट से ही लौटा दिया गया।

8 अप्रैल तक कर सकते आवेदन
ईडब्ल्यूएस और बीपीएल कैटेगरी में दाखिले के लिए केवल 29 से 8 अप्रैल तक ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। हालांकि पहली से आठवीं और नौवीं से 12वीं तक आवेदन की तारीख अलग-अलग है। इसके बाद ब्लॉक मुताबिक बच्चों के आंकड़े खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेज दिए जाएंगे।

इसके बाद छंटनी कर 18 अप्रैल को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में कटऑफ के आधार पर पहला ड्रा निकाला जाएगा। जबकि बीईओ कार्यालय में ही दूसरा ड्रा 26 अप्रैल को निकाला जाएगा।

ड्रा के आधार पर 26 अप्रैल से ही दाखिलों की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद भी अगर स्कूलों में 10 प्रतिशत कोटे की सीटें खाली रह जाती है तो स्कूल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को इस बारे सूचित करेंगे।


सीबीएसई स्कूलों ने किया मना
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई स्कूलों को 25 मार्च तक नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए थे लेकिन हरियाणा बोर्ड के दो स्कूलों ने ही नोटिस का जवाब दिया है। सीबीएसई ने सीटें खाली न होने की बात कही है। अगर स्कूल बच्चों को दाखिले देने के आनाकानी करते है तो स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।- रामकुमार फलसवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

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