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चार दिन बाद भी नहीं पहुंची स्कूलों में किताबें

Tue, 05 Apr 2016 12:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 05 Apr 2016 12:41 PM IST
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schools dont get books in faridabad
School

नए शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों के बच्चों को किताबें देने का शिक्षा विभाग का दावा खोखला साबित हुआ। चार दिन बीत जाने के बाद भी स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची। बिना किताबें स्कूलों में कैसी पढ़ाई हो रही होगी, यह सवाल बना हुआ है। स्कूली बच्चे अपनी पुरानी किताबें लेकर इन दिनों स्कूल आ रहे हैं।

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हालांकि, इस बार पहली से पांचवीं तक की पुस्तकों में बदलाव किया गया है। ऐसे में नई पुस्तक का इंतजार शिक्षक व छात्र उत्सुकता से कर रहे हैं। गौरतलब है कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत पहली से आठवीं कक्षा के तक छात्रों को मुफ्त में पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती है।
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ऐसा नहीं है कि पहली बार छात्रों को पुस्तकें का इंतजार है। हर साल इसी तरह की दिक्कतें आती हैं। इस बार सत्र से पहले पुस्तक उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। शिक्षकों को भी उम्मीद थी कि पहले पुस्तक मिल जाने से पढ़ाई में किसी तरह की समस्या नहीं होती।
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लेबस समय पर पूरे करने में भी मदद मिलती है। लेकिन इसबार भी विभाग अपनी वायदे को पूरा नहीं कर पाया। छात्रों व शिक्षकों के सामने यह दुविधा है कि मासिक परीक्षा के लिए छात्रों की तैयारी किस तरह से कराई जाए।


सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर का स्तर अधिकारियों की लापरवाही से गिरता है। पुस्तकें पहले मिल जाए। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। -राज सिंह, जिला प्रधान, विद्यालय अध्यापक संघ

स्कूलों को पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही है। दो तीन दिन में सभी स्कूलों के पास पुस्तकें पहुंच जाएंगी।-राम कुमार फलसवाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी

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