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कबाड़ी की बेटी 12वीं में पंजाब की टॉपर, IAS बनना है लक्ष्य

Sat, 14 May 2016 12:29 PM IST
अमित कुमार/अमर उजाला, लुधियाना
अमित कुमार/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sat, 14 May 2016 12:29 PM IST
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punjab school education board 12th result topper mahima interview
पंजाब बोर्ड में 12वीं की टॉपर महिमा - फोटो : अमर उजाला
कबाड़ का कारोबार करने वाले संजीव की बेटी महिमा ने 12वीं में पूरे पंजाब में टॉप किया। अब उसका लक्ष्य IAS बनना है। बताया जा रहा है कि अपने कमरे में कागज पर पहले ही लिख कर रख दिया था कि मैं बारहवीं कक्षा में टॉप करुंगी और हुआ भी यूं ही, यही है आरएस मॉडल स्कूल की छात्रा महिमा नागपाल का कांफिडेंट लेवल।
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बस्ती जोधेवाल में कबाड़ का छोटा सा कारोबार करने वाले संजीव कुमार की बेटी महिमा नागपाल ने घोषित किए गए बाहरवीं के नतीजे में 99.56 प्रतिशत अंक प्राप्त पर सूबे में पहला स्थान हासिल किया है। परिणाम की खबर सुनते ही महिमा के परिवार वालों की खुशी का ठिकाना न रहा। महिमा के स्कूल पहुंचते ही उसे बधाई देने वालों का तांता लग गया। बोर्ड के चेयरमैन ने भी फोन कर महिमा को शाबाशी और बधाई दी।
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महिमा ने बताया कि वह दसवीं  की परीक्षा में 97.23 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पंजाब में दूसरे स्थान पर रह चुकी है। बाहरवी में टॉप पर आने के लिए दिन रात पढ़ाई की। अब आगे बीएससी नान मेडिकल में करना चाहती है और आगे जाकर आईएएस बनना ही जीवन का लक्ष्य है। महिमा के पिता संजीव कुमार ने बताया कि आज सुबह पता चला कि बाहरवीं का नतीजा आने वाला है। मैं घर पर ही था। बेटी ने बोला कि नतीजा आ जाएगा, आप काम पर जाओ। मैं नहीं गया। मुझे यकीन था कि बेटी की मेहनत रंग लाएगी।
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महिमा ने अपने कमरें में एक जगह पर कागज छिपा कर रखा था। जिसमें पहले से ही महिमा ने लिखा हुआ था कि मैं टॉप पर आऊंगी और हुआ भी ऐसा। मेरी बेटी पर मुझे नाज है। बेटी अपनी मेहनत में सफल हो इसके लिए पीरों पर दुआ भी की। उस मालिक ने आज सुनी ली। यह कहते ही संजीव कुमार की आंखें खुशी से नम हो गई। संजीव ने बताया कि करीब 12 साल पहले एक एक्सीडेंट में उसके शरीर के कुछ अंगों ने काम करना बंद कर गया था। परंतु हिम्मत नहीं हारी।


मंजू सिनेमा के पास छोटी सी कबाड़ की दुकान चला कर संजीव अपने परिवार को पालते हैं। महिमा की मां पूनम ने बताया कि वह हाउस वाइफ है। पति के एक्सीडेंट के बाद पैसों की कमी जरुर हुई परंतु हिम्मत नहीं हारी। महिमा जीवन के लक्ष्य को पाने के लिए खूब मेहनत करती और आज वह मेहनत रंग लाई। इस प्राप्ति के लिए वह बहुत खुश है और गर्व है कि महिमा मेरी बेटी है।
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