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9 मई तक रहेगी निजी स्कूलों की हड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 07 May 2016 10:22 AM IST
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- फोटो : demo
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नियम-134ए के नाम पर दबाव बनाने के विरोध में जिले के निजी स्कूलों ने मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस (एचपीएससी) के आह्वान पर शुक्रवार से जिले के करीब 100 स्कूल हड़ताल पर रहेंगे।
पलवल के भी निजी स्कूलों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। ऐसे में दोनों जिलों के करीब दो लाख छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। स्कूलों प्रबंधकों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने 134ए नियम के तहत आने वाले जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के खर्च से हाथ खींच लिए हैं, जिसके विरोध में 6 से 9 मई तक हड़ताल की जाएगी।
इस दौरान बाधित होने वाली पढ़ाई की क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांफ्रेंस के जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने कहा कि जो काम सरकार को करना चाहिए, उसे निजी स्कूल कर रहे हैं।
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इसके बावजूद निजी स्कूल संचालकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नेतागिरी चमकाने के लिए स्कूल संचालकों पर मनमानी और लूट खसोट का आरोप लगा देते हैं जो तथ्य सम्मत भी नहीं है।
जो नियम कानून बनाए गए हैं, उनका पालन निजी स्कूल करते हैं और आगे भी करते रहेंगे, लेकिन जिस नियम को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है। उसे लेकर दबाव नहीं बनाया जा सकता है।
प्रदेशाध्यक्ष एसएस गुंसाई ने बताया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार कानून लागू है। इसके तहत पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। ऐसे में 134ए का कोई औचित्य नहीं दिखाता है।
उन्होंने कहा कि अभिभावक अगर जनप्रतिनिधियों को शंखनाद कर उठाएंगे, तो स्कूल बैंड लेकर संचालक भी अपना पक्ष रखने जाएंगे। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल व संचालक उपस्थित थे।
अक्सर नेताओं की रैली में भीड़ जुटाने के लिए निजी स्कूलों के वाहनों का सहारा लिया जाता है, लेकिन सरकार के रवैये से नाराज स्कूल संचालकों ने निर्णय लिया है कि अब किसी भी रैली में अपने वाहनों को उपलब्ध नहीं कराएंगे।
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पलवल के भी निजी स्कूलों ने हड़ताल को समर्थन दिया है। ऐसे में दोनों जिलों के करीब दो लाख छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। स्कूलों प्रबंधकों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने 134ए नियम के तहत आने वाले जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के खर्च से हाथ खींच लिए हैं, जिसके विरोध में 6 से 9 मई तक हड़ताल की जाएगी।
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इस दौरान बाधित होने वाली पढ़ाई की क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जाएंगी। बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांफ्रेंस के जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने कहा कि जो काम सरकार को करना चाहिए, उसे निजी स्कूल कर रहे हैं।
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इसके बावजूद निजी स्कूल संचालकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नेतागिरी चमकाने के लिए स्कूल संचालकों पर मनमानी और लूट खसोट का आरोप लगा देते हैं जो तथ्य सम्मत भी नहीं है।
जो नियम कानून बनाए गए हैं, उनका पालन निजी स्कूल करते हैं और आगे भी करते रहेंगे, लेकिन जिस नियम को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है। उसे लेकर दबाव नहीं बनाया जा सकता है।
प्रदेशाध्यक्ष एसएस गुंसाई ने बताया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार कानून लागू है। इसके तहत पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। ऐसे में 134ए का कोई औचित्य नहीं दिखाता है।
उन्होंने कहा कि अभिभावक अगर जनप्रतिनिधियों को शंखनाद कर उठाएंगे, तो स्कूल बैंड लेकर संचालक भी अपना पक्ष रखने जाएंगे। इस मौके पर विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल व संचालक उपस्थित थे।
अक्सर नेताओं की रैली में भीड़ जुटाने के लिए निजी स्कूलों के वाहनों का सहारा लिया जाता है, लेकिन सरकार के रवैये से नाराज स्कूल संचालकों ने निर्णय लिया है कि अब किसी भी रैली में अपने वाहनों को उपलब्ध नहीं कराएंगे।