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दाखिलाः नहीं हुआ ड्रॉ, मायूस लौटे अभिभावक
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 19 Apr 2016 09:24 AM IST
सार
- निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के दाखिलों के लिए होना था ड्रॉ
- खंड शिक्षा कार्यालय के दिनभर चक्कर काटते रहे अभिभावक
- निजी स्कूलों द्वारा सीटों का ब्योरा न देने पर रद्द हुआ ड्रॉ
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- फोटो : amarujala
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विस्तार
फरीदाबाद में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले की राह आसान नहीं हो पा रही है। तय कार्यक्रम के अनुसार धारा 134ए के तहत सोमवार को ड्रॉ नहीं हो सका। बच्चों के दाखिले को लेकर चिंतित अभिभावक दिनभर शिक्षा विभाग के चक्कर लगाते रहे।
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इस दौरान अभिभावकों और अधिकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। दाखिले को लेकर बनी असमंजस की स्थिति में अभिभावकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। सूत्रों की माने तो ड्रॉ स्थगित करने के पीछे की वजह निजी स्कूलों द्वारा सीटों का ब्योरा न देना है।
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दरअसल, शिक्षा विभाग ने आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का निजी स्कूल में दाखिला सुनिश्चित कराने के लिए पिछले दिनों आवेदन मांगे थे। इस प्रक्रिया के तहत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में करीब 700 फार्म जमा हुए। छंटनी के बाद बल्लभगढ़ ब्लॉक के 312 और फरीदाबाद ब्लॉक में 280 फार्म सही पाए गए। सोमवार को ड्रॉ निकालकर स्कूल आवंटित किए जाने थे, ताकि बच्चे जल्द से जल्द निजी स्कूलों में दाखिला ले सकें, लेकिन ऐन मौके पर शिक्षा विभाग ने पहली से आठवीं तक का ड्रॉ स्थगित कर दिया। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई।
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खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ड्रॉ न होने पर अभिभावकों ने आपत्ति जताई। दिनभर गहमागहमी जारी रही। जिले में 550 से अधिक निजी स्कूल हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 134ए के तहत मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मेधावी विद्यार्थियों को दाखिला देने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद जिले के सिर्फ 22 निजी स्कूलों ने विभाग को सीटों का ब्योरा दिया।
शैक्षणिक सत्र शुरू हुए 18 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी विभाग स्कूल अलॉट नहीं करा पाया। सरकार अभिभावकों को पागल बना रही है। -मोहन, अभिभावक
शिक्षा अधिकारी और निजी स्कूलों में मिलीभगत है। तभी वह हर साल ड्रा को लेकर आनाकानी करते हैं। सरकार की मंशा पर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं।-कैलाश शर्मा, प्रदेश महासचिव, अभिभावक एकता मंच
ड्रॉ पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, वजह क्या रही, इसकी जानकारी नहीं है।-अनीता शर्मा, बीईओ बल्लभगढ़