बंक नहीं मार सकेंगे बीएड छात्र, नियमित हाजिरी जरूरी
- विश्वविद्यालय प्रशासन बीएड कॉलेजों की नॉन-अटेंगिग क्लास पर हुआ सख्त
- विश्वविद्यालय प्रशासन बीएड कॉलेजों की नॉन-अटेंगिग क्लास पर हुआ सख्त
- अगले सत्र से ऑनलाइन होगी हाजिरी प्रक्रिया
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फरीदाबाद में बंक मारकर या बिना कॉलेज में आए बीएड शिक्षक बनने वालों को भी अब कक्षाएं लगानी होंगी, ताकि भविष्य की पौध को उत्तम बनाया जा सके। बिना हाजिरी लगाए शिक्षक बनने वाले प्राइवेट बीएड संस्थानों पर अब महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय सख्त हो गया है। इसके लिए बीएड कालेजों का डाटा भावी शिक्षकों की हाजिरी भी आनलाइन की जाएगी।
बता दें विश्वविद्यालय के अंतर्गत प्रदेश भर में 298 बीएड कॉलेज चल रहे है। इनमें से 26 कॉलेज फरीदाबाद में है। लेकिन अधिकांश कॉलेज में नॉन-अटेंगिग क्लास चलती है। इस बारे में एमडीयू द्वारा बनाई गई जांच कमेटी कई बार प्रश्न उठा चुकी है। कमेटियों के समक्ष अधिकतर कॉलेजों में हाजिरी के हालात खराब मिलने पर बहाना मारते रहे। कई जगह तो कालेजों में विद्यार्थियों की संख्या नाममात्र ही मिली।
इस तरह से दाखिला लेकर ज्यादा राशि कालेज को देकर हाजिरी पूरी करवाई जाती है। इस स्थिति पर विचार करने के बाद एमडीयू प्रशासन ने इसमें सुधार की ओर अपना कदम बताते हुए यह निर्णय लिया है। ऐेसे कॉलेजों पर शिंकजा कसने के लिए कालेजों का डाटा आनलाइन किया जाएगा। इसके लिए वेबपोर्टल तैयार किया गया है। सभी कॉलेजों से डाटा भी जुटाया जा रहा है।
इसके लिए एमडीयू प्रबंधन की ओर से तैयारियां की जा चुकी है तथा आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे सभी कालेजों के लिए अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा। योजना के मुताबिक अब नेट पर कालेज संबंधित सभी जानकारियां मिलेगी। प्रत्येक बीएड कालेज में कितनी सीटें हैं, कितनी सीटों पर दाखिला दिया गया है, कालेजों के लिए प्रयोग होने वाली गाइड लाइन और ढांचागत सुविधाओं जैसे लाइब्रेरी क्लासरूम की जानकारी, पढ़ाने वाले शिक्षकों की सूची सहित दाखिल विद्यार्थियों की हाजिरी लिस्ट भी रोजाना अपडेट करनी होगी।
यदि खुद भावी शिक्षक ही हाजिरी पर ध्यान नहीं रखेंगे तो आने वाली पीढ़ी पर क्या असर पड़ेगा। नए सत्र में ऑनलाइन आधार पर उनका निरीक्षण किया जाएगा। यदि बार-बार चेतावनी के बाद भी कॉलेजों के हालात नहीं सुधरे तो उन कॉलेजों को बंद कर दिया जाएगा।-डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, कुलसचिव, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक