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एलईपी के तहत पिछली कक्षा के छूटे सिलेबस को पूरा करें सकेंगे छात्र

Tue, 10 May 2016 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 10 May 2016 09:26 AM IST
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LP released under the last class of the student will be able to complete the syllabus
स्कूल क्लास - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सरकारी स्कूलों का हर बच्चा अब पहले एक घंटा पिछली क्लास के छूटे हुए सिलेबस को रिकवर करेगा, उसके बाद आगे की पढ़ाई कराई जाएगी। पिछले साल अक्तूबर में शुरू किए गए लर्निंग इनहेंसमेंट प्रोग्राम (एलईपी) प्रयोग के सकारात्मक परिणाम को देख विभाग ने इसे लागू किया है।

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दरअसल सरकारी शिक्षा के गिरते स्तर को उठाने के लिए सरकार ने लर्निंग इनहेंसमेंट प्रोग्राम (एलईपी) कार्यक्रम प्रदेश के 3222 स्कूलों में लागू किया था। ताकि बच्चों में सीखने की आदत में वृद्धि हो सके । इस कार्यक्रम से 6 लाख से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
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विभाग ने इसके लिए 14500 हजार अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान बताया गया कि किस तरह विद्यार्थियों की समझ का स्तर आंकें । अध्यापकों को बताया गया कि  इस कार्यक्रम के अंतर्गत यह देखें कि बच्चा अगर 5वीं में पढ़ता है तो उसे तीसरी या चौथी कक्षा का सिलेबस आता है या नहीं। एलईपी के तहत शिक्षकों को 15 विशेष किताबें दी गई।
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जिनमें गणित, हिंदी और अंग्रेजी की 5-5 किताबें शामिल हैं। ताकि पुस्तकों से निम्न शैक्षणिक वर्गों की क्षमताओं में वृद्धि की जाएगी ताकि विद्यार्थियों और उनकी वर्तमान कक्षा के बीच अध्ययन की खाई को पाटा जा सके। बता दें कि यह योजना पिछली बार जिले के 240 स्कूलों में लागू की गई थी। जिले में अब स्कूलों की संख्या 320 है। अगर बात करें प्रदेश स्तर की तो प्रदेश में स्कूलों की संख्या 8899 है।

मासिक मूल्यांकन में हुई वृद्धि 
सूत्रों की मानें तो शिक्षा विभाग को एलईपी कार्यक्रम से कई फायदे होते दिखाई दे रहे हैं। एलईपी की स्कूलों में मॉनिटरिंग के लिए 450 मेंटर्स नियुक्त किए गए हैं। जो शिक्षकों और बच्चों से फीडबैक ले रहे हैं।


इस फीडबैक के आधार पर पूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। इस कार्यक्रम से जहां स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने का काम किया जा रहा है। वहीं, मासिक मूल्यांकन में पास छात्रों में वृद्धि हो रही है। इसलिए सरकार ने विभाग की ओर से राज्यभर के सभी 8899 प्राइमरी स्कूलों में एलईपी प्रोग्राम शुरू किया है।

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