फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Gold Field Case: dark shadow on the future of MBBS students hope to get away

गोल्ड फील्ड मामला : एमबीबीएस छात्रों के भविष्य पर छाया अंधेरा दूर होने की उम्मीद जगी

Sat, 21 May 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sat, 21 May 2016 02:31 AM IST
विज्ञापन
Gold Field Case: dark shadow on the future of MBBS students hope to get away

गोल्ड फील्ड मेडिकल कालेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों को प्रदेश के दूसरे मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के अनुमोदन के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद छात्रों ने राहत की सांस ली है।

विज्ञापन


दो दिन पहले छात्रों ने नई दिल्ली स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान 150 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया गया था। दरअसल, गोल्ड फील्ड इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पिछले चार महीने से कक्षाएं नहीं लग रही हैं।
विज्ञापन


आर्थिक संकट का हवाला दे कॉलेज मैनेजमेंट ने हाथ खड़े कर दिए हैं। भविष्य खराब होता देख छात्रों ने स्थानीय प्रशासन से लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहरलाल से गुहार लगाई। कई बार धरना प्रदर्शन भी किया। पिछले दिनों छात्रों ने पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय पर भी प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार के आदेश पर कुलपति ने मेवात, खानपुर, अग्रोहा और रोहतक  मेडिकल कॉलेजों को चिह्नित करके शिफ्टिंग का प्रस्ताव मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पास भेजा था। शुक्रवार को एमआईसी के अनुमोदन के बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने छात्रों को दूसरे मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी।

मंत्रालय ने छात्रों को प्रदेश में चार सरकारी और दो निजी कॉलेजों में शिफ्ट करने की अनुमति दी है। 2014 बैच के करीब 100 छात्र और पुराने बैच से 50-50 छात्र पीजीआई रोहतक, एमएएमसी अग्रोहा, शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज मेवात और बीपीएस खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट होंगे।


जबकि मैनेजमेंट कोटे के करीब 150 छात्र एसजीटी गुडग़ांव और एमयू मेडिकल कॉलेज मुलाना में पढ़ाई करेंगे। इस संबंध में मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सके्रटरी को पत्र जारी कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed