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300 मेडिकल छात्रों के भविष्य पर संकट बरकरार
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 19 Apr 2016 09:25 AM IST
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मेवात मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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गोल्ड फील्ड मेडिकल कॉलेज पर लटकी बंदी की तलवार एमबीबीएस छात्रों के लिए सिरदर्द बन गई है। यहां पढ़ाई कर रहे करीब 300 छात्रों की शिफ्टिंग नहीं हो पा रही है।
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राज्य के जिन कॉलेजों में छात्रों की शिफ्टिंग होनी हैं, उनके प्रबंधकों ने न नुकुर शुरू कर दी है। इससे नाराज छात्रों ने सोमवार को चंड़ीगढ़ में मुख्यमंत्री निवास के सामने प्रदर्शन किया।
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दरसअल, गोल्ड फील्ड इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पिछले तीन महीने से कक्षाएं नहीं लग रही है. जिसके विरोध में सोमवार दोपहर 2012 बैच के विद्यार्थियों ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन किया।
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विद्यार्थियों का आरोप है कि पिछले डेढ़ महीने से आवाज उठा रहे हैं लेकिन सरकार को उनके भविष्य की चिंता नहीं है। प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की मांग उठी।
वहीं, रविवार शाम पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विश्विद्यालय रोहतक के कुलपति डॉ. ओपी कालरा के साथ गोल्ड फील्ड कॉलेज प्रबंधन की मीटिंग हुई। जिसमें छात्र हित को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन ने अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा है।
प्रबंधन का कहना है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने 2014 बैच पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसके चलते कॉलेज की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई। सूत्रों के मुताबिक सरकार के समक्ष फंड उपलब्ध कराने या फिर कॉलेज को ओवरटेक करने की मांग प्रबंधन ने रखी है।
बता दें कि, गोल्ड फील्ड कॉलेज के छात्रों को मेवात, खानपुर, अग्रोहा और रोहतक के मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने का प्रस्ताव मेडिकल काउंसिल ने सरकार के पास भेजा था, लेकिन चारों कॉलेजों ने आनाकानी शुरू कर दी हैं।
कॉलेज प्रबंधन के साथ मीटिंग अच्छी रही। उन्होंने आर्थिक तंगी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। हमने एमबीबीएस विद्यार्थियों को दूसरे कॉलेजों में शिफ्ट करने की अनुमति मांगी थी।-डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विश्विद्यालय