फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   admission in private schools now a new problem

निजी स्कूलों में दाखिले पर फिर संकट

Thu, 28 Apr 2016 08:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Thu, 28 Apr 2016 08:08 AM IST
विज्ञापन
admission in private schools now a new problem

आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी बच्चों का निजी स्कूलों में पढ़ाई का सपना इस बार भी टूटता दिख रहा है। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद भी निजी स्कूलों ने रिक्त सीटों की जानकारी मुहैया नहीं कराई है। जिससे एक मई को होने वाली प्रवेश परीक्षा को लेकर असमंस की स्थिति बन गई है। उधर, दाखिले की मांग को लेकर अभिभावकों ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।

विज्ञापन


दरअसल, चार दिन पहले शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 134ए के अंतर्गत कक्षा नौंवी से बारहवीं तक के दाखिलों का संशोधित शेड्यूल जारी किया था। जिसके अनुसार सभी निजी स्कूलों को नियम 134ए के तहत बुधवार तक गरीब व मेधावी छात्रों की संख्या और कुल छात्रों की संख्या कक्षावार और रिक्त सीटों की संख्या की घोषणा करनी थी।
विज्ञापन


ताकि सीटों के आधार पर विभाग एक मई को टेस्ट प्रक्रिया शुरू कर दें। इसके बाद 5 मई को ड्रा और 6 से 13 मई के बीच दाखिला प्रक्रिया शुरू करना था। लेकिन सभी आदेशों को ठेंगा दिखा निजी स्कूलों में बुधवार को भी सूची नहीं सौंपी। सूत्रों की मानें तो जिले के 550 निजी स्कूलों में से सिर्फ 46 स्कूलों सूची सौंपी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बुधवार दोपहर 134ए के तहत दाखिले की मांग को लेकर अभिभावक व उनके बच्चे लघु सचिवालय पर पहुंचे और दाखिला न मिलने का रोष जताया। अभिभावकों की अगुवाई मिशन तालिम के राष्ट्रीय अध्यक्ष इकराम हक कर रहे थे।

उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी नियम 134ए के धज्जियां उड़ाते हुए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है।


उन्होंने प्रश्र किया कि जब विभाग के पास 584 बच्चों ने दाखिले के लिए अर्जी दी है तो ड्रा के नाम पर मजाक क्यों हो रहा है? इस मौके पर जिला पार्षद शेर मोहम्मद, नसीम अली, तौकीर, राजकुमार कुशवाह, महेंद्र ङ्क्षसह और रंजेश कुमार सहित अभिभावक मौजूद थे। अभिभावकों ने उपायुक्त की अनुपस्थिति में कार्यालय सचिव को ज्ञापन सौंपा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed