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अनूठी पहल : आठवीं के बाद लड़कियों को पढ़ाएंगे दानवीर

Wed, 25 May 2016 01:27 AM IST
जितेंद्र चौहान/अमर उजाला, फरीदाबाद
जितेंद्र चौहान/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 25 May 2016 01:27 AM IST
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A unique initiative: after the eighth danveer teach girls

पढ़ लिखकर आगे बढने का सपना संजोने वाली बेटियों की राह में अब आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी। जिला शिक्षा अधिकारी की अनूठी पहल पर जिले में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बालिकाओं के लिए अभियान शुरू किया गया है।

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इसके तहत आठवीं कक्षा के बाद बेटियों की मदद के लिए जिले के ही सामर्थवान लोगों ने हाथ बढ़ाएं हैं। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. मनोज कौशिक ने बताया कि आठवीं कक्षा के बाद शिक्षा से वंचित बालिकाओं को पढ़ाई का मौका देने के लिए एक प्रयास शुरू किया गया है।
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सरकारी स्कूलों में आठवीं कक्षा तक सरकार खर्च वहन करती है लेकिन इससे आगे आर्थिक तंगी बाधा बन जाती है। आर्थिक तंगी के चलते कई छात्राएं घर बैठ जाती हैं और उच्च शिक्षा से महरूम रह जाती हैं।
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फज्जूपुर गांव से शुरू हुई पहल
जिला अधिकारी ने सबसे पहले फज्जूपूर गांव में जाकर गांव में शिक्षा के स्तर के बारे में पता किया। उन्होनें देखा कि आठवीं कक्षा के बाद कई बालिकाएं पढ़ाई छोड़ घर का कामकाज कर रही थीं। अभिभावकों ने इसकी बड़ी वजह आर्थिक तंगी को बताया।

इस मुहिम के बारे में डॉ. कौशिक ने गांव की सरपंच से बात की। मुहिम में साथ देने के लिए गांव की सरपंच मंजू बाला ने आठवीं कक्षा पास करने वाली 25 छात्राओं को अपने खर्चें पर पढ़ाने का जिम्मा उठाया है।

इन गावों में भी मिला आश्वासन:
जिले के भनकपुर व नीमका गांव में भी शिक्षा अधिकारी को आश्वासन मिला है कि वह आठवीं कक्षा पास करने वाली छात्राओं को गांव की तरफ से पढ़ाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी गावों का दौरा कर लोगों को जागरूक कर रही हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा बेटियां शिक्षित हो सकें और मदद के लिए ज्यादा से ज्यादा हाथ बढ़ सकें।


दानवीरों के नाम होंगे सूचना बोर्ड पर 
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जो व्यक्ति लड़कियों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएंगा हम उनका नाम बोर्ड पर अंकित कराएंगे। जिससे अन्य लोगों में भी लड़कियों को पढ़ाने का जज्बा जागे। उन्होने बताया कि इस पहल से लड़कियां शिक्षा से महरूम नही रहेगी।

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