देश भर में वाहनों के ट्रांसफर पर लगेगा एक ही आरटीओ शुल्क, बस-टैक्सी को मिल सकता है एक नेशनल परमिट
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जल्द ही एक राज्य से दूसरे राज्य में गाड़ियों को ट्रांसफर करना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बस-टैक्सी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने पर अलग से परमिट भी नहीं बनवाना पड़ेगा। राज्यों के परिवाहन मंत्रियों के एक समूह ने इसको लेकर के केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है।
लागू हो सकता है एक देश-एक टैक्स का सिद्धांत
केंद्रीय सड़क परिवाहन मंत्रालय की तरफ से बनाए गए इस समूह की गुवाहाटी में शुक्रवार को संपन्न हुई बैठक में आरटीओ में भी जीएसटी की तरह एक देश-एक टैक्स का सिद्धांत लागू करने पर सहमति जताई गई है। इस समूह की अध्यक्षता राजस्थान के परिवाहन मंत्री यूनुस खान कर रहे हैं। अगर इस प्रस्ताव पर सरकार ने अपनी सहमति दे दी तो दोपहिया और चार पहिया गाड़ियों के एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने पर किसी तरह का कोई रोड टैक्स नहीं लिया जाएगा।
बस, टैक्सी के लिए नेशनल परमिट की सिफारिश
अभी बस और टैक्सी जब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाती हैं, तो उनको दूसरे राज्य का परमिट लेना होता है। इसमें लोगों का काफी पैसा और वक्त भी बर्बाद होता है। जिन बसों और टैक्सियों के पास परमिट होता है, केवल उन्हीं को राज्यों में चलने की मंजूरी मिलती है।
अभी नहीं एक टैक्स
कई राज्यों में रोड टैक्स और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन शुल्क काफी कम है। ऐसे में लोग ऐसे राज्यों में अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं, जहां पर दरें काफी कम हैं। फिर दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड की गई गाड़ी को अन्य राज्यों में चलाते हैं। एक टैक्स करने से लोग ऐसा नहीं करेंगे
टैक्स के लिए होंगे 3 स्लैब
मंत्रियों के समूह ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है कि टैक्स के लिए 3 स्लैब बनाए जा सकते हैं। इसमें 10 लाख रुपये से नीचे की कीमत वाली गाड़ियों के लिए 8 फीसदी, 10-20 लाख रुपये के लिए 10 फीसदी और 20 लाख से ऊपर की कीमत वाली गाड़ियों के लिए 12 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया है।
डीजल वाली गाड़ियों पर 2 फीसदी अतिरिक्त और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 2 फीसदी छूट देने का प्रस्ताव दिया गया है। केवल केरल को छोड़कर के अन्य राज्यों के मंत्रियों ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई है।