GST: जान लें वो 11 सर्विस जिन पर देना होगा कम टैक्स, कालेज की एंट्रेस परीक्षा पर भी मिलेगी छूट
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई जीएसटी परिषद की 25वीं बैठक में शैक्षणिक संस्थानों को बड़ी राहत दी गई। फैसले के अनुसार, सभी शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले या परीक्षा के लिए दी जा रही सेवाओं को जीएसटी से छूट दी गई है।
उन्हें एंट्रेंस परीक्षा के लिए ली जाने वाली एंट्रेंस फीस पर भी जीएसटी नहीं देना होगा। छात्रों, फैकल्टी या स्टाफ को ट्रांसपोर्टेशन सेवाओं पर भी राहत दी गई है। हालांकि यह छूट हायर सेकेंडरी तक शैक्षणिक संस्थानों के लिए है।
घर खरीदने वालों को देना होगा कम टैक्स
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी वन और एमआईजी वन के लिए घोषित क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम के तहत घर के निर्माण पर जीएसटी का कंसेशनल दर लागू होगा।
क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत बन रहे एयरपोर्ट को मिलने वाली वाइबिलिटी गेप फंडिंग पर जीएसटी छूट की समय सीमा को बढ़ाकर तीन साल कर दिया गया है। पहले यह एक साल के लिए थी। सरकार को पेट्रोलियम से होने वाले लाभ को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।
इन सेवाओं में दी गई है छूट
1 आरडब्ल्यूए सदस्यों को दी जा रही छूट की सीमा प्रति सदस्य, प्रति माह 5000 रुपए से बढ़ाकर 7500 रुपए की गई है।
2 आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराने वाली सेवा को जीएसटी से छूट दी गई है।
3 टेलरिंग सेवा पर जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है।
4 मेट्रो, मोनो रेल निर्माण परियोजनाओं पर जीएसटी 18 से घटाकर 12 फीसदी किया गया है।
5 भारत से बाहर प्लेन के जरिये सामान भेजने पर परिवहन सेवाओं को छूट दी गई है।
6 समुद्री जहाज से भी माल देश से बाहर भेजने पर छूट मिलेगी। यह छूट 30 सितंबर, 2018 तक रहेगी।
7 सरकार, स्थानीय निकाय और सरकारी प्राधिकरणों को मिलने वाली कानूनी सेवा को कर के दायरे से बाहर रखा गया है।
8 मिड डे मील के लिए बनने वाले भवन पर जीएसटी 12 फीसदी लागू होगा।
9 लेदर गुड्स और फुटवियर की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जॉब वर्क सेवा पर लगने वाले जीएसटी को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
10 कच्चे पेट्रोलियम पदार्थों और पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई की दर घटा कर 18 से 5 फीसदी (बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट) और 12 फीसदी (आईटीसी सहित) की गई है।