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दमदार प्रदर्शन: लॉकडाउन में विनिर्माण और कृषि क्षेत्र ने दी अर्थव्यवस्था को रफ्तार
Wed, 01 Sep 2021 07:01 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 01 Sep 2021 07:01 AM IST
सार
- मूडीज ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था की राह पर लौट रहा है
- खनन, निर्माण्, वित्त, बिजली और सेवा क्षेत्र ने भी दिखाई मजबूती, पिछले साल थी बड़ी गिरावट
- अप्रैल-जून तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की 49.6 फीसदी रही वृद्धि दर
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भारतीय अर्थव्यवस्था
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में वैसे तो सभी क्षेत्रों में सुधार दिखा है, लेकिन अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने का काम निर्माण और विनिर्माण क्षेत्र ने किया है। लॉकडाउन में ढील और कोरोना संक्रमण कम होने से मजदूर वापस काम लौटे, जिससे रियल एस्टेट सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के निर्माण में तेजी आई। दूसरी ओर, मेक इन इंडिया और पीएलआई जैसी योजनाओं से फैक्ट्रियों के उत्पादन ने जोर पकड़ा।
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अप्रैल-जून तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की 49.6 फीसदी रही वृद्धि दर
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 49.6 फीसदी रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 36 फीसदी गिरा था। सबसे तेज वृद्धि निर्माण ने हासिल की, जो पिछले साल के 49.5 फीसदी गिरावट से उबरकर 68.3 फीसदी तेजी पर आ गया। कृषि क्षेत्र ने एक बार फिर मजबूती दिखाई और पिछले साल की पहली तिमाही के 3.5 फीसदी से बढ़कर 4.5 फीसदी की विकास दर हासिल की।
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खनन, निर्माण्, वित्त, बिजली और सेवा क्षेत्र ने भी दिखाई मजबूती, पिछले साल थी बड़ी गिरावट
खनन क्षेत्र में भी 18.6 फीसदी तेजी रही, जो पिछले साल 17.2 फीसदी गिरा था। बिजली, गैस, जल आपूर्ति व अन्य सुविधाओं से जुड़ी सेवाओं की विकास दर भी 14.3 फीसदी पहुंच गई, जो पिछली साल शून्य से 9.9 फीसदी कम थी। इसके अलावा होटल, दूरसंचार व सेवा क्षेत्र में 34.3 फीसदी और वित्तीय एवं रियल एस्टेट क्षेत्र में 3.7 फीसदी की तेजी रही।
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सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था की राह पर भारत : मूडीज
मूडीज ने कहा है कि भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था की राह पर लौट रहा है। पहली तिमाही में तेज विकास दर से यह भरोसा और मजबूत हुआ है कि 2021 में भारत 9.6 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल कर लेगा। यह दुनिया के अन्य बड़े देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
भारत के बाद चीन की विकास दर 8.5 प्रतिशत का अनुमान है, जो पहली तिमाही में 7.9 प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सका है। जी-20 देशों की विकास दर 6.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। अन्य उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों की औसत विकास दर इस साल 7.2 फीसदी रहेगी।
अर्थव्यवस्था में वी-आकार की रिकवरी साफ दिख रही है
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने जीडीपी आंकड़ों पर खुशी जताते हुए कहा कि अब अर्थव्यवस्था में वी-आकार की रिकवरी साफ दिख रही है। विकास दर में आई रिकॉर्ड तेजी की मुख्य वजह ढांचागत सुधार और सरकार की ओर से खर्च में हुआ इजाफा है। हमने पिछले साल ही वी-आकार में सुधार का दावा किया था, जो अब सच साबित हो रहा। बढ़ते टीकाकरण से आर्थिक गतिविधियों को और प्रोत्साहन मिलेगा।
महंगाई में भी राहत
सीईए ने कहा कि महंगाई के मोर्चे पर भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। जुलाई में खुदरा महंगाई इससे पहले के महीनों से कम रही और अगले कुछ महीने तक यह 5-6 फीसदी के दायरे मेें ही रहेगी। उन्होंने कहा कि इस साल खुदरा महंगाई दर 6 फीसदी से नीचे बने रहने की पूरी उम्मीद है।
अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ औद्योगिक गतिविधियों में भी लगातार तेजी आ रही है। जुलाई में आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 9.4 प्रतिशत पहुंच गई, जिसमें पिछले साल की समान अवधि में 7.6 प्रतिशत गिरावट आई थी। जून, 2021 में बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रही थी।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग ने बताया कि कोयला, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली उत्पादन क्षेत्र ने जुलाई में तेज वृद्धि की। सिर्फ कच्चे तेल के उत्पादन में ही 3.2 प्रतिशत गिरावट आई है।
पिछले साल लॉकडाउन से बुनियादी उद्योगों में 7.6 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दिखी थी। बुनियादी ढांचा क्षेत्र ने भी जून में 9.3 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर ली है। अगर चालू वित्तवर्ष में देखें, तो अप्रैल-जुलाई तक बुनियादी उद्योग में पिछले साल के मुकाबले 21.2 प्रतिशत तेजी आई है। 2020 में इस दौरान 19.8 प्रतिशत गिरावट थी।