फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Tax on cars is lower than before GST regime and companies should cut royalty payment

कारों पर जीएसटी व्यवस्था से पहले के मुकाबले कम है कर, रॉयल्टी भुगतान में कटौती करें कंपनियां

Fri, 18 Sep 2020 05:59 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 18 Sep 2020 05:59 AM IST
विज्ञापन
Tax on cars is lower than before GST regime and companies should cut royalty payment
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

वाहन कंपनियों को सरकार से जीएसटी दर घटाने के लिये कहने के बजाए लागत में कमी लाने के लिये अपनी मूल कंपनियों को दी जाने वाली रॉयल्टी में कटौती करनी चाहिये। देश में वाहनों पर ऊंची कर दरों को लेकर आलोचना पर जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह कहा।

विज्ञापन


सूत्रों ने कहा कि वाहन क्षेत्र की ज्यादातर कंपनियां मौजूदा कराधान और नियामकीय व्यवस्था में खूब आगे बढ़ी हैं। इसका सबूत उनके भारतीय भागीदार द्वारा अपनी विदेशी मूल कंपनियों को रॉयल्टी के तौर पर मोदी रकम का भुगतान किया जाना है।
विज्ञापन



टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन के भारत में उपाध्यक्ष शेखर विश्वनाथन ने इस सप्ताह कथित रूप से एक साक्षात्कार में कहा था कि भारत में कर की दरें ऊंची है, इसके देखते हुए उनकी कंपनी यहां विस्तार पर विचार नहीं कर रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि वाहन क्षेत्र के संदर्भ में भारत की कर नीति पिछले तीन दशकों से पूरी तरह से एकरूपता लिये हुए है। सूत्रों ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में वाहनों पर कर की दर पहले के मुकाबले कम हैं। जीएसटी व्यवस्था से पहले वैट और उत्पाद शुल्क के तौर पर अधिक कर का भुगतान होता था। अब अचानक से कुछ तबकों द्वारा वाहन क्षेत्र में कर दरों को लेकर असंतोष जताना आश्चर्यचकित करने वाला है।

एक सूत्र ने कहा, ‘‘वास्तव में इन कंपनियों को सरकार से जीएसटी में कमी लाने के लिये कहने के बजाए विदेशों में स्थित अपनी मूल कंपनियों को दी जाने वाली रॉयल्टी के भुगतान में कमी लाकर विनिर्माण लागत में कमी लानी चाहिए।’’

सूत्र ने कहा कि दुनिया भर में बिना किसी छूट के वाहनों पर ऊंची दर से कर लगाया जाता है। जापान में फिलहाल वाहनों पर तीन तरह का कर है। इसमें एक खरीद, दूसरा इंजन आकार के आधार पर सालाना वाहन कर और प्रत्येक दो साल पर जरूरी निरीक्षण पर भार के अनुसार कर (वेट टैक्स) लगता है। इसके ऊपर ऊंची दर से जीएसटी लगता है।


यूरोपीय संघ में भी वाहनों पर वैट/जीएसटी की आधार दर 20 से 25 प्रतिशत है।

ब्रिटेन वाहन उत्पाद शुल्क लेता है जो कार उत्सर्जन मानकों के हिसाब से अलग है और स्लैब दर 14 प्रतिशत है। इसके अलावा सड़क उपयोग शुल्क लगता है। पुन: दुनिया भर में ऊंची दर से पार्किंग शुल्क भी लगता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed