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टाटा , ONGC, Reliance ने मचाई विदेश में धूम, किया कई विदेशी कंपनियों को अपने नाम

Wed, 09 Aug 2017 04:15 PM IST
amarujala.com, Written by: अनंत पालीवाल
amarujala.com, Written by: अनंत पालीवाल Updated Wed, 09 Aug 2017 04:15 PM IST
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tata, ongc, reliance takes lead in merger and acquisitions of foreign companies in last 70 years
ratan tata
आजादी के 70 साल के इतिहास में भारत में ऐसी कई कंपनियां रही हैं, जिन्होंने देश के साथ-साथ विदेश में भी अपना डंका बजाया है। इन कंपनियों ने ऐसी नामी विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण किया है, जिनके प्रॉडक्ट को इस्तेमाल करने पर एक जमाने में स्टेटस सिंबल माना जाता था।
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हालांकि आजादी के बाद 1990 तक ऐसा कोई बड़ा मर्जर भारतीय कंपनियों ने नहीं किया, लेकिन उदारीकरण के बाद इसमें काफी तेजी देखने को मिली। कई विदेशी कंपनियों के भारत में पैर पसारने के बाद भारतीय कंपनियों को भी विदेश में बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण करने का मौका मिल गया। 
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जिन भारतीय कंपनियों ने विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण किया उनमें टाटा, ओएनजीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 15 बड़े अधिग्रहण किए गए हैं। 
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टाटा ने किए सबसे ज्यादा कंपनियों का अधिग्रहण  
भारत की सबसे बड़ी और पुरानी कंपनियों में शुमार टाटा ग्रुप ने विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण करने की संख्या में सबसे आगे रही थी। 2006 में कोरस का 12.7 अरब डॉलर में अधिग्रहण करके टाटा स्टील ने ब्रिटेन में कदम रखा था। यह उस वक्त किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा किया गया यह सबसे बड़ा अधिग्रहण था। 

इसके बाद  टाटा मोटर्स ने मार्च 2006 में जैगुआर और लैंड रोवर का 2.3 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया था।  2012 में टाटा समूह की अन्य कंपनी इंडियन होटल कंपनी ने अक्टूबर 2012 में ओरिएंट होटल का 1.67 बिलियन डॉलर में अधिग्रहण किया था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने किया यूएस की गैस कंपनियों का अधिग्रहण
मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज प्राइवेट सेक्टर में विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण करने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई थी। अप्रैल 2010 में इसने यूएस में एक कंपनी से तेल और गैस क्षेत्र में 1.7 बिलियन डॉलर की डील की थी। फिर उसी साल जून में 1.35 बिलियन डॉलर की ईगल फोर्ड गैस फील्ड का अधिग्रहण किया था।  

ONGC बना विदेशी अधिग्रहण करने में सिरमौर
ऑयल एंड नैचुरल गैस कंपनी (ओएनजीसी) की सहायक कंपनी ओएनजीसी विदेश ने 16 देशों में अधिग्रहण किया है। ओएनजीसी विदेश ने, एक्‍सॉनमोबिल, ब्रिटिश पेट्रोलियम, शेल ईएनआई, टोटल, रेपसोल, स्‍टाटऑयल, शेवरॉन, पेट्रोब्रास, सोडेको, साकार, रोसनेफ्ट, देवू, काजमूनेगाज (केएमजी), पेट्रो वियतनाम, सीएनपीसी, सिनोपेक, पीडीवीएसए, पेट्रोनास, अनाडारको और इकोपेट्रोल सहित आईओसीज और एनओसीज के एक मेजबान के साथ मजबूत साझेदारी गठबंधन किया है।


ओएनजीसी विदेश के पास 16 देशों में 33 तेल और गैस परियोजनाओं में स्‍टेक  है जो कि रूस, सीरिया, वियतनाम, कोलंबिया, सूडान, दक्षिणी सूडान, वेनेजुएला, ब्राजील, म्‍यांमार  और अजरबेजान में हैं। 
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