माल्या, नीरव जैसा कोई भगोड़ा अब नहीं कर सकेगा भागने की हिमाकत, सरकार ने की ये तैयारी
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सरकार बैंक का मोटा कर्ज लेकर विदेश भागने वालों के लिए नया सख्त कानून ले कर आ रही है। इस संबंध में तैयार किए जा रहे कानून के मसौदे के मुताबिक 100 करोड़ रुपए से ऊपर के कर्ज वाले भगोड़े की देश में मौजूद संपत्ति को सरकार एजेंसियां जब्त कर लेगी।
यह स्थिति तबतक बनी रहेगी जबतक भगोड़ा वापस आ कर न्यायिक प्रक्रिया में शामिल नहीं हो जाता। यह विधेयक 5 मार्च से शुरु होने वाले बजट सत्र के दूसरे चरण में संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार ने 9000 करोड़ का कर्ज लेकर विदेश भागने वाले शराब व्यवसायी और राज्यसभा सांसद विजय माल्या प्रकरण के बाद ऐसे कानून बनाने का फैसला किया था। पिछले साल मई से इसपर काम चल रहा है।
अपराध कर देश छोड़कर भागने वालों के लिए ऐसा कानून कई देशों में लागू है
सरकार सभी संबंधित पक्षों से इसपर रायशुमारी कर रही है। आर्थिक अपराध कर देश छोड़कर भागने वालों के लिए ऐसा कानून कई देशों में लागू है। कानून मंत्रालय ने इस मामले में अपनी सहमति दे दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस कानून को भगोड़ा आर्थिक अपराधी नाम दिया गया है।
भगोड़ा आर्थिक अपराधी की श्रेणी में वह शख्स आएगा जो इस अपराध में जारी वारंट से बचने केलिए विदेश भाग गया हो। सूत्रों के मुताबिक इस मसौदे में आर्थिक अपराध रोकने के मौजूदा कई कानूनों का समावेश होगा।
मसौदे में आर्थिक भगोड़े केखिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरु करने का आधिकार प्रवर्तन निदेशालय (इडी) को दिया जाएगा। इडी इसके लिए काले धन को सफेद बनाने के बचाव संबंधी कानून पीएमएलए के प्रावधानों का इस्तेमाल करेगा।
पीएमएलए के तहत कर्ज देने वालों के डूबे धन की भरपाई कर्जदार के जब्त संपत्ति से की जा सकती है। इस कानून में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून, सेबी और कस्टम और एक्साईज कानून के प्रावधानों को शामिल किया जा रहा है।