{"_id":"5ef69d868ebc3e42f801593e","slug":"shock-pf-interest-to-be-8-1-percent-for-2019-20-impact-on-crores-of-employees","type":"story","status":"publish","title_hn":"झटका: 2019-20 के लिए 8.1 फीसदी हो सकता है पीएफ पर ब्याज, करोड़ों कर्मचारियों पर असर","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
झटका: 2019-20 के लिए 8.1 फीसदी हो सकता है पीएफ पर ब्याज, करोड़ों कर्मचारियों पर असर
Sat, 27 Jun 2020 06:44 AM IST
योगेश साहू
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 27 Jun 2020 06:44 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन का असर अब नौकरीपेशा की बचत पर भी पड़ने वाला है। एफडी सहित अन्य लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें घटाने के बाद सरकार अब प्रोविडेंट फंड (पीएफ) की दरों में कटौती कर सकती है। इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय (ईपीएफओ) जल्द ही श्रम मंत्रालय के साथ बैठक करने वाला है।
विज्ञापन
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ईपीएफओ ने मार्च में तय किया था कि वित्तवर्ष 2019-20 के लिए पीएफ पर 8.5% ब्याज दिया जाएगा। हालांकि, इसे लागू करने के लिए वित्त मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली थी। दरों की एक बार फिर समीक्षा के बाद ईपीएफओ 0.40 फीसदी कटौती करने पर विचार कर रहा है, जिससे बीते वित्तवर्ष के लिए ब्याज दर 8.10 फीसदी हो जाएगी।
विज्ञापन
ब्याज पर दबाव के तीन बड़े कारण
- बाजार में जारी उतारचढ़ाव और बॉन्ड व फंड में निवेश पर रिटर्न में गिरावट।
- कोरोना संकट के बीच फंड निकासी की विशेष व्यवस्था से लाखों कर्मचारियों ने कई हजार करोड़ रुपये ईपीएफ से निकाले।
- वेतन पर असर से पीएफ में कर्मचारी और कंपनियों का अंशदान भी कम हुआ।