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वोडोफोन के लिए राहत, भारती इंफ्राटेल के साथ इंडस टावर्स के विलय को मंजूरी!
Fri, 21 Feb 2020 11:05 PM IST
Amit Mandal
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 21 Feb 2020 11:05 PM IST
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दूरसंचार विभाग ने देश की सबसे बड़ी मोबाइल टावर कंपनी इंडस टावर्स का भारती इंफ्राटेल के साथ विलय की शुक्रवार को मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस विलय के बाद मुश्किलों में घिरी वोडाफोन-आइडिया को पैसा जुटाने में आसानी होगी।
इस विलय के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी के पास देशभर में 1,63,000 से अधिक दूरसंचार टावर हो जाएंगे, जिनका परिचालन सभी 22 दूरसंचार सेवा क्षेत्रों में हो रहा है। विलय से बनने वाली संयुक्त कंपनी चीन को छोड़ शेष विश्व की सबसे बड़ी टावर कंपनी होगी।
एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई से कहा कि दूरसंचार विभाग ने इंडस टावर्स के भारती इंफ्राटेल के साथ विलय को मंजूरी दे दी है।
योजना के अनुसार, संयुक्त कंपनी के पास भारती इंफ्राटेल और इंडस टावर्स के कारोबार का पूर्ण स्वामित्व होगा। कंपनी का नाम बदलकर इंडस टावर्स लिमिटेड हो जायेगा और संयुक्त कंपनी घरेलू शेयर बाजारों में सूचीबद्धता जारी रखेगी।
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इस सौदे का समय पर पूरा होना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटाने के विकल्प खुलेंगे।
इंडस टावर्स में अभी भारती इंफ्राटेल और वोडाफोन समूह की 42-42 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें वोडाफोन आइडिया की भी 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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इस विलय के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी के पास देशभर में 1,63,000 से अधिक दूरसंचार टावर हो जाएंगे, जिनका परिचालन सभी 22 दूरसंचार सेवा क्षेत्रों में हो रहा है। विलय से बनने वाली संयुक्त कंपनी चीन को छोड़ शेष विश्व की सबसे बड़ी टावर कंपनी होगी।
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एक आधिकारिक सूत्र ने पीटीआई से कहा कि दूरसंचार विभाग ने इंडस टावर्स के भारती इंफ्राटेल के साथ विलय को मंजूरी दे दी है।
योजना के अनुसार, संयुक्त कंपनी के पास भारती इंफ्राटेल और इंडस टावर्स के कारोबार का पूर्ण स्वामित्व होगा। कंपनी का नाम बदलकर इंडस टावर्स लिमिटेड हो जायेगा और संयुक्त कंपनी घरेलू शेयर बाजारों में सूचीबद्धता जारी रखेगी।
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इस सौदे का समय पर पूरा होना काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के लिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटाने के विकल्प खुलेंगे।
इंडस टावर्स में अभी भारती इंफ्राटेल और वोडाफोन समूह की 42-42 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें वोडाफोन आइडिया की भी 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है।