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आरबीआई नकदी बढ़ाने को अर्थव्यवस्था में डालेगा 12,000 करोड़ रुपये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 05:41 AM IST
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तरलता की समस्या से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 15 नवंबर को सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद के जरिये अर्थव्यवस्था में 12,000 करोड़ रुपये देगा। केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को कहा कि आर्थिक प्रणाली में नकदी की स्थिति के आकलन और उसकी स्थायी जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि खुला बाजार परिचालन के तहत आरबीआई ने प्रतिभूति खरीदने का फैसला लिया है। आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों की ओर से भुगतान में बार-बार चूक होने के कारण इस धन से पूंजी की स्थिति सुधरेगी। पात्र भागीदारों को रिजर्व बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (ई-कुबेर) सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में अपना प्रस्ताव 15 नवंबर तक भेजना होगा।
इसका परिणाम भी उसी दिन घोषित किया जाएगा। उसके अगले दिन सफल भागीदारों को भुगतान किया जाएगा। आरबीआई ने इससे पहले कहा था कि 2018-19 की दूसरी छमाही में भी आर्थिक प्रणाली में तरलता की कमी रहेगी। इसलिए इस हालात को ठीक करने के लिए अस्थायी और टिकाऊ दोनों तरह के प्रबंध करने पड़ेंगे।
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केंद्रीय बैंक ने कहा है कि खुला बाजार परिचालन के तहत आरबीआई ने प्रतिभूति खरीदने का फैसला लिया है। आईएलएंडएफएस समूह की कंपनियों की ओर से भुगतान में बार-बार चूक होने के कारण इस धन से पूंजी की स्थिति सुधरेगी। पात्र भागीदारों को रिजर्व बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (ई-कुबेर) सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में अपना प्रस्ताव 15 नवंबर तक भेजना होगा।
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इसका परिणाम भी उसी दिन घोषित किया जाएगा। उसके अगले दिन सफल भागीदारों को भुगतान किया जाएगा। आरबीआई ने इससे पहले कहा था कि 2018-19 की दूसरी छमाही में भी आर्थिक प्रणाली में तरलता की कमी रहेगी। इसलिए इस हालात को ठीक करने के लिए अस्थायी और टिकाऊ दोनों तरह के प्रबंध करने पड़ेंगे।
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