फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   RBI decision to increase the repo rate will affect the sale of houses says realty sector

आरबीआई के रेपो दर बढ़ाने के फैसले से मकानों की बिक्री पर पड़ेगा असर

Thu, 02 Aug 2018 06:20 AM IST
नई दिल्ली, भाषा
नई दिल्ली, भाषा Updated Thu, 02 Aug 2018 06:20 AM IST
विज्ञापन
RBI decision to increase the repo rate will affect the sale of houses says realty sector

प्रापर्टी डेवलपर और सलाहकार मानते हैं कि प्रमुख नीतिगत दर रेपो में वृद्धि करने के रिजर्वबैंक के फैसले से आवासीय इकाइयों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। रेपो दर बढ़ने से आवास ऋण पर ब्याज दर बढ़ सकती है।

विज्ञापन


रिजर्वबैंक ने दो महीने में दूसरी बार प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। रिजर्वबैंक ने आने वाले दिनों में महंगाई का आंकड़ा बढ़ने की चिेंता में यह कदम उठाया है।
विज्ञापन


रीयल एस्टेट कंपनियों के मालिकों के संगठन नारेडको के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा, ‘‘रीयल एस्टेट क्षेत्र की नजर से यदि देखा जाये तो इस वृद्धि का मकान खरीदारों की धारणा पर नकारात्मक असर होगा, और मकानों की बिक्री कम होगी।’’ उल्लेखनीय है कि रीयल एस्टेट क्षेत्र मांग की कमी और आवासीय परियोजनाओं को तैयार करने में होने वाली देरी की वजह से कईसालों से मंदी के दौर से गुजर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रापर्टी क्षेत्र के सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि मुद्रास्फीति के रूझान को देखते हुये रेपो दर की वृद्धि उम्मीद के अनुरूप रही है। 

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि इस वृद्धि का असर आवास रिण की दरों पर हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर रीयल एस्टेट क्षेत्र इस समय मजबूती में खड़ा है और इस तरह के मामूली बदलावों से नहीं मकान खरीदने वालों का निर्णय नहीं बदल सकता है।


सीबीआरई की भारत और दक्षिण पूर्वी एशिया इकाई के चेयरमैन अंशुमान मैगजींन ने कहा, ‘‘आरबीआई की इस मौद्रिक नीति घोषणा के बाद ज्यादातर बैंक अपनी जमा और रिण की ब्याज दरों को नये सिरे से तय करेंगे। बहरहाल, इस बदलाव से रीयल एस्टेट क्षेत्र पर प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है क्योंकि ज्यादातर आवास ऋण 15 से 20 साल की लंबी अवधि के होते हैं और इस दौरान ब्याज दरों में घटबढ़ का दौर चलता रहता है जिससे कि समूची अवधि में इसमें संतुलन बन जाता है।’’ 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed