मकान मालिक हैं या किरायेदार, 31 मार्च से पहले पूरा कर लें यह काम, नहीं तो देना होगा भारी जुर्माना
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आप मकान मालिक हैं या फिर किरायेदार, अगर आपने 31 मार्च से पहले कुछ जरूरी काम नहीं निपटाएं तो फिर इनकम टैक्स विभाग दोनों लोगों पर भारी भरकम जुर्माना लगा सकता है। किराया देने या फिर लेने की जानकारी नहीं देने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए नियमों को अच्छे से समझ लें ताकि 1 अप्रैल के बाद से किसी को भी कोई दिक्कत न हो।
मकान मालिक, किरायेदार को पूरा करना पड़ेगा पेपरवर्क
मकान मालिक और किरायेदार, दोनों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नए नियमों के मुताबिक कई तरह के पेपरवर्क पूरे करने होंगे। यह नियम सभी टैक्सपेयर्स पर लागू होंगे जो कि हर साल अपना रिटर्न फाइल करते हैं।
न जमा करें फर्जी रेंट रसीद
आईटी डिपार्टमेंट ने सभी टैक्स पेयर्स से कहा है कि फर्जी रेंट रसीद जमा न करें। रेंट जमा करने वाली सभी रसीद पर साइन जरूर करें। अगर किसी टैक्सपेयर ने फर्जी रेंट रसीद जमा की है तो उसको एचआरए क्लेम का लाभ नहीं मिलेगा।
जमा करनी होगी रेंट अग्रीमेंट की कॉपी
एचआरए का फायदा लेने के लिए रेंट रसीद के साथ रेंट अग्रीमेंट की कॉपी देनी होगी। अगर किसी व्यक्ति पांच हजार रुपये से ज्यादा का कैश पेमेंट एक रसीद में किया है तो फिर रसीदी टिकट लगाना अनिवार्य है। लेकिन अगर रेंट को चेक या फिर ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया है तो फिर रसीदी टिकट लगाने की जरुरत नहीं है।
1 लाख से ज्यादा के रेंट पर देना होगा पैनकार्ड
अगर किसी किरायेदार ने साल भर में एक लाख रुपये से ज्यादा का रेंट दिया है तो फिर मकान मालिक का पैनकार्ड देना भी जरूरी है। वहीं 50 हजार से ज्यादा का मासिक किराया होने पर अगर किरायेदार एक बार में ही साल भर का पूरा किराया देता है तो फिर उसको 5 फीसदी टीडीएस काटना होगा।
टीडीएस की जानकारी करनी होगी अपलोड
टीडीएस काटने वाली तारीख से एक महीने के अंदर में फॉर्म 26QC पर अपलोड करना होगा। इसके 15 दिन के बाद किरायेदार को टीडीएस सर्टिफिकेट इस वेबसाइट ( http://www.tdscpc.gov.in) से डाउनलोड करने के बाद मकान मालिक को फॉर्म 16सी जारी करना होगा।
मकान मालिक को पूरा करना होगा यह पेपर वर्क
मकान मालिक को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नई गाइडलाइंस के अनुसार कई पेपरवर्क पूर करने होंगे। सबसे पहले उसे किरायेदार को साइन की हुई रेंट रसीद जारी करनी होगी। रेंट रसीद नहीं देने पर डिपार्टमेंट कार्रवाई कर सकता है।
इसके अलावा रेंट अग्रीमेंट को 100 रुपये या फिर अधिकतम 500 रुपये के स्टांप पेपर पर बनवाना चाहिए। रेंट अग्रीमेंट 11 महीने का होना चाहिए और यह पीरियड समाप्त होने के बाद रिन्यु करते वक्त किराया भी बढ़ना चाहिए। अगर रेंट अग्रीमेंट 11 महीने से ज्यादा का है तो फिर उसे लीज डीड के तौर पर माना जाएगा।