Budget 2018: रियल इस्टेट सेक्टर ने किया स्वागत, छोटे शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट
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काफी सरगर्मियों और उम्मीदों के बाद आम बजट 2018-19 अंततः सामने आ चुका है। इस बजट में कुछ जगह ऐसी थी जहाँ अप्रत्याशित बदलाव देखे गए तो वहीं कुछ ऐसी भी थी जहां दिग्गजों की उम्मीदों के विपरीत किसी भी तरह के बदलाव ने जगह नहीं ली।
विशेषकर रियल एस्टेट सेक्टर में भी इस बजट से कुछ ऐसा ही माहौल पनपा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस सेक्टर को काफी कुछ दिया है और साथ ही 2022 तक हाउसिंग फॉर आल मिशन के दिशा में फंड जारी करने की भी बात कही है।
अफोर्डेबल हाउसिंग को मिलेगा बूस्ट
गौड़संस के एमडी और क्रेडाई नेशनल के वाइस प्रेसीडेंट मनोज गौड़ ने कहा कि इस साल के बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर और अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार द्वारा यह कदम देश के विकास के लिए एक अच्छी खबर है।
सरकार के 2022 तक के हाउसिंग फॉर आल योजना के लिए अच्छे फंड प्रदान करने की भी बात कही जो सराहनीय है। हालांकि हमने यह उम्मीद की थी कि रियल एस्टेट क्षेत्र में रेरा और जीएसटी जैसे महत्वपूर्ण एक्ट लागू होने के बाद इस साल के बजट में और भी नए संशोधन किये जायेंगे।
मिलना चाहिए था पर्सनल इनकम टैक्स मॉडल का लाभ
गुलशन होम्ज के डायरेक्टर दीपक कपूर ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर भावनाओं से जुड़ा हुआ सेक्टर है और यह बहुत जरुरी है की बजट में सरकार को पर्सनल इनकम टैक्स मॉडल की तरह लाभ का प्रस्ताव देना चाहिए था।
इस बार के बजट में आम जनता के लिए टैक्स स्ट्रक्चर से सम्बंधित किसी भी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिला है। एमएसएमई (माइक्रो स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) के कॉर्पोरेट टैक्स को 25 प्रतिशत का विस्तार 250 करोड़ कॉर्पोरेट्स वाली कंपनियों तक के लिए कर दिया है। कंपनियों के कम टैक्स का बोझ रियल एस्टेट को नई शुरुआत करने और नौकरी के अवसरों को बढ़ाने के लिए अनुमति दे सकता है।
रियल इस्टेट को नहीं मिला डायरेक्ट बेनेफिट
महागुन ग्रुप के डायरेक्टर धीरज जैन के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर तो कोई लाभ नहीं मिला, लेकिन कई बातें ऐसी हैं जिनसे आने वाले समय में सेक्टर को फायदा पहुंच सकता है।
वर्तमान सरकार द्वारा यह अंतिम पूर्ण संघीय बजट प्रस्तुति थी, जो रियल्टी क्षेत्र के लिए मिश्रित बैग के साथ बाहर आई है। यह बजट रेरा और जीएसटी के आने के बाद का पहला बजट है तो हमने यह उम्मीद लगायी थी कि सरकार द्वारा सेक्टर के लिए और भी बेहतर कदम उठाये जायेंगे।